Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रखी अमरीका के सामने बड़ी शर्त, इसराइल के लेबनान पर हमले में 11 की मौत

Praggya Singh sabal16 August 20262 min read145 viewsWorld
Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रखी अमरीका के सामने बड़ी शर्त, इसराइल के लेबनान पर हमले में 11 की मौत

मध्य पूर्व में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने यह साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से दोबारा खोलने का मामला पूरी तरह से अमरीका के रुख पर निर्भर करता है। ईरान चाहता है कि अमरीका जून महीने में हुए समझौते के तहत अपनी सभी शर्तों का पूरी तरह से पालन करे और अपनी पुरानी गलतियों को सुधारे। इस बीच, क्षेत्रीय तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब इसराइल ने दक्षिणी लेबनान पर जबरदस्त हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। इन ताजा हालातों से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

अमरीका की नीतियों पर अटका होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता

ईरान और ओमान ने आपसी बातचीत के बाद शिपिंग रूट का एक नया नक्शा तैयार कर लिया है, हालांकि उनका आरोप है कि अमरीका इस काम में लगातार रुकावटें पैदा कर रहा है। तेहरान का स्पष्ट कहना है कि जब तक अमरीका अपनी सैन्य धमकियों को पूरी तरह बंद नहीं करता और पिछले समझौतों में हुई चूकों को ठीक नहीं करता, तब तक इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। इस मामले पर ईरान और अमरीका के बीच सीधी बातचीत से इनकार किया गया है, जबकि दूसरी तरफ अमरीका पर भी यह आरोप लग रहा है कि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को ब्लॉक करने की योजना बना रहा है। इस खींचतान की वजह से समुद्री व्यापार से जुड़े लोगों और कामगारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

लेबनान में इसराइली हमलों से हालात बेकाबू

समुद्री मार्ग के विवाद के बीच जमीन पर भी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। दक्षिणी लेबनान के अनसार और दीर एज-जहरानी गांवों को निशाना बनाकर किए गए ये हवाई हमले जून के महीने में हुए संघर्षविराम के बाद से सबसे घातक साबित हुए हैं। इसराइली अधिकारियों ने अपने बचाव में कहा कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए की गई थी। दूसरी तरफ, लेबनान के नेताओं ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अमरीका की मध्यस्थता से चल रही शांति कोशिशों को कमजोर करने वाला एक खतरनाक कदम बताया है। हिजबुल्लाह ने भी इस हिंसा का मुंहतोड़ जवाब देने की बात कही है, जिससे इस गर्मी में बनी शांति का ढांचा पूरी तरह खतरे में पड़ गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।

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