Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रखी कड़ी शर्तें, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया।

Praggya Singh sabal11 August 20263 min read84 viewsWorld
Strait of Hormuz: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए रखी कड़ी शर्तें, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया।

दुनियाभर के देशों के बीच समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को साफ कर दिया कि यह रणनीतिक जलमार्ग अभी बंद ही रहेगा। तेहरान ने इस रास्ते को फिर से खोलने के लिए अमेरिका के सामने कई कड़ी शर्तें रख दी हैं, जब तक अमेरिका इन मांगों को पूरा नहीं करता तब तक जहाजों की आवाजाही शुरू नहीं होगी। इस बड़े विवाद की वजह से इस रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर रविवार, 9 अगस्त को केवल छह रह गई, जबकि पहले दस दिनों का औसत लगभग ग्यारह जहाजों का था।

ईरान की मुख्य मांगें और शर्तें

ईरान के प्रवक्ता ने वाशिंगटन प्रशासन से मांग की कि वह अपनी सभी अवैध और नुकसानदेह गतिविधियों को तुरंत रोके। इसके साथ ही ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाने, क्षेत्र से अपनी सभी सैन्य ताकतों को वापस बुलाने और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देने की बात कही गई है। तेहरान ने यह भी मांग रखी है कि ईरान पर लगाए गए सभी कड़े प्रतिबंधों को हटाया जाए और विदेशों में रोके गए ईरानी पैसों को बिना किसी शर्त के वापस किया जाए। ईरान का मानना है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर सर्विस फीस या टोल वसूलने का उसका पूरा अधिकार है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ बातचीत से बात नहीं बनेगी, बल्कि अमेरिका के आक्रामक रवैये का जवाब देने के लिए सैन्य ताकत की भी जरूरत है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी स्पष्ट किया था कि जब तक अमेरिका अपने बर्ताव में सुधार नहीं करता, तब तक रास्ता नहीं खोला जाएगा। इसके अलावा, देश के डिप्टी स्पीकर Ali Nikzad ने कहा कि इसे खोलने के लिए एक नए क्षेत्रीय यानी रीजनल ऑर्डर को मानना जरूरी होगा।

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अमेरिका की तरफ से जवाबी मांगें

ईरान के इस कदम के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को कहा कि ईरान को अपनी हरकतों की वजह से हुए जान-माल के नुकसान का मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने साल 2000 में हुए USS Cole बम धमाके और ईरान में मारे गए प्रदर्शनकारियों का विशेष रूप से जिक्र किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे इन सभी बातों को भविष्य की किसी भी बातचीत में शामिल करें। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका इस मामले में अभी कम स्तर पर बातचीत कर रहा है ताकि ईरान पर आर्थिक दबाव लगातार बना रहे। अमेरिकी अधिकारियों ने पहले ही साफ कर दिया है कि तेहरान द्वारा किसी भी तरह का ट्रांजिट टैक्स या फीस लगाने की बात स्वीकार नहीं की जाएगी। दूसरी तरफ, ईरान और ओमान के बीच नए शिपिंग रूट को लेकर बातचीत अपने आखिरी दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री Abbas Aragchi ने स्पष्ट कर दिया है कि इस समझौते से होर्मुज जलमार्ग के खुलने का रास्ता अपने आप साफ नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए अमेरिका को बड़े स्तर पर छूट देनी होगी।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अंदरूनी राजनीतिक हलचल

अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे कि Asian Shipowners' Association और International Chamber of Shipping ने एक बार फिर दोहराया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने पर किसी भी तरह का टोल या टैक्स वसूलना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून यानी UN Convention on the Law of the Sea के नियमों के खिलाफ है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के भीतर 10 अगस्त को सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने कई बड़े सैन्य बदलाव किए हैं, जिसमें मेजर जनरल Ahmad Vahidi को गार्ड्स का मुख्य कमांडर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा ईरानी संसद ने एक नए प्रस्ताव को मंजूरी दी है जिसके तहत अमेरिका, इस्राइल और अन्य शत्रु देशों के स्वामित्व वाले सामान और उपकरणों के इस जलमार्ग से गुजरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिससे इस क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है। ईरान ने यह भी कंफर्म किया है कि इस समय उसकी अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत नहीं चल रही है।

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