Iran News: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने बदला सुरक्षा तंत्र, हार्डलाइनर मोहसेन रेजाई को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी.

ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने देश की सुरक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा फेरबदल किया है। ईरान सरकार ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व कमांडर Mohsen Rezaee को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) का नया सचिव नियुक्त कर दिया है। यह बड़ा ऐलान 10 अगस्त 2026 को किया गया, जो सुप्रीम लीडर द्वारा पिछले दिन जारी किए गए एक विशेष आदेश के बाद सामने आया है। इस आदेश के तहत रेजाई को काउंसिल में सुप्रीम लीडर का पर्सनल रिप्रेजेंटेटिव भी बनाया गया है। देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी राष्ट्रीय रक्षा और विदेश नीति से जुड़े इस अहम पद पर रेजाई की नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि कर दी है।
कड़े तेवर वाले नेता को मिली नई कमान
नए सचिव बनाए गए Mohsen Rezaee अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत के सख्त खिलाफ माने जाते हैं। उन्होंने मोहम्मद बाकर जोल्घाद्र की जगह ली है, जिन्होंने इस साल 24 मार्च 2026 से इस पद की कमान संभाली थी। जोल्घाद्र से पहले अली लारीजाई इस पद पर थे, जिनकी 17 मार्च 2026 को हत्या कर दी गई थी। अब मोहम्मद बाकर जोल्घाद्र को सुप्रीम लीडर का राजनीतिक सलाहकार बना दिया गया है। रेजाई का यह सख्त रवैया ईरान के दूसरे बड़े अधिकारियों के बनों से भी मेल खाता है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर कड़ी शर्तें रखी गई थीं और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी अमेरिका के साथ तुरंत सीधी बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया था, क्योंकि उनका कहना था कि अमेरिका ने जून के अंतरिम शांति समझौते का उल्लंघन किया है।
ओमान के साथ चल रही है अहम बातचीत
यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बातचीत कर रहा है। यह जलडमरूमध्य अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच ईरान के लिए बहुत बड़ा हथियार माना जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपनी ताकत और पकड़ को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है, ताकि देश की रणनीतिक सुरक्षा नीतियां उनके भरोसेमंद सैन्य और राजनीतिक नेटवर्क के साथ पूरी तरह जुड़ी रहें। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर Vali Nasr ने बताया कि रेजाई का वरिष्ठ होना और उनका पुराना सैन्य बैकग्राउंड उनकी ताकत को बढ़ाएगा और सैन्य-सुरक्षा फैसलों पर खामेनेई की पकड़ को और मजबूत करेगा। ईरानी विश्लेषक अली घोलहकी ने भी माना कि बातचीत के मामलों में सुरक्षा परिषद में फैसले लेने में देरी हो रही थी, इसलिए रेजाई की नियुक्ति जरूरी हो गई थी।
सुरक्षा परिषद का काम करने का तरीका
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल देश की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सभी बड़े फैसले लेती है। इस परिषद की अध्यक्षता देश के राष्ट्रपति करते हैं, लेकिन यहाँ लिए गए कोई भी फैसले तभी लागू होते हैं जब उन पर सुप्रीम लीडर की मुहर लगती है। सुप्रीम लीडर खुद भी काउंसिल में अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति करते हैं ताकि देश की सुरक्षा से जुड़े हर कदम पर पूरी नजर रखी जा सके। इस नए बदलाव के बाद अब ईरान की सुरक्षा नीतियों में और ज्यादा सख्ती आने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसका असर पूरे खाड़ी देशों के रिश्तों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर साफ तौर पर दिखाई देगा। आम जनता और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक रास्तों पर सीधा असर पड़ सकता है।