बुल्गारिया पर ईरान की धमकी से नाटो देशों में हड़कंप, अमेरिका और इसराइल संघर्ष के बीच बढ़ा सुरक्षा खतरा.

Sushma Kumari21 August 20263 min read68 viewsWorld
बुल्गारिया पर ईरान की धमकी से नाटो देशों में हड़कंप, अमेरिका और इसराइल संघर्ष के बीच बढ़ा सुरक्षा खतरा.

अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे गंभीर तनाव के बीच Iran ने बुल्गारिया को कड़ी चेतावनी जारी की है। इस घटनाक्रम के बाद से NATO देशों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। ईरान के इस रुख से यूरोप के कई हिस्सों में हड़कंप मच गया है क्योंकि बुल्गारिया एक ऐसा देश है जहां अमेरिकी एयर बेस स्थित है। इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है और आम लोग भी इस बात को लेकर परेशान हैं कि इसका असर दुनिया भर की सुरक्षा पर कैसे पड़ेगा।

ईरान और बुल्गारिया के बीच बढ़ा तनाव

जुलाई महीने के दौरान ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अपने बुल्गारियाई समकक्ष को एक स्पष्ट चेतावनी दी थी। इस चेतावनी में कहा गया था कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी आक्रामकता का समर्थन करेगा, उसे जवाबी कार्रवाई के लिए एक वैध लक्ष्य माना जाएगा। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें यह बताया गया कि तेहरान ने दक्षिण-पूर्वी यूरोप में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने पर विचार किया था। इसमें मुख्य रूप से बुल्गारिया और साइप्रस जैसे देशों का नाम सामने आया था ताकि यदि अमेरिका क्षेत्रीय शत्रुता को और बढ़ाता है तो उसे करारा जवाब दिया जा सके।

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बुल्गारिया के बेज़मेर एयर बेस पर कड़ी सुरक्षा

बुल्गारिया का Bezmer Air Base इस पूरे विवाद के केंद्र में आ गया है। इस साल जुलाई में बुल्गारियाई संसद ने इस एयर बेस का उपयोग अमेरिकी सेना के लिए करने की अनुमति दी थी। इसके तहत आगामी 1 अक्टूबर 2026 तक वहां अधिकतम आठ अमेरिकी KC-135 ईंधन भरने वाले विमान और 250 सैन्यकर्मी रह सकते हैं। बुल्गारिया के रक्षा मंत्री Dimitar Stoyanov ने 20 अगस्त को यह बयान दिया था कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अभी कोई सीधा खतरा नहीं है। हालांकि, इसके विपरीत गृह मंत्री Ivan Demerdzhiev ने 19 अगस्त को इस बात की पुष्टि की थी कि बेज़मेर एयर बेस पर सुरक्षा के इंतजामों को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।

नाटो और स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया

नाटो के महासचिव Mark Rutte ने 20 अगस्त को बुल्गारिया के प्रधानमंत्री Rumen Radev के साथ इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण चर्चा की। इस दौरान उन्होंने यह दोहराया कि यदि नाटो के किसी भी सहयोगी देश पर हमला होता है, तो उत्तर अटलांटिक संधि के नियमों के तहत उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। मार्क रुते ने तुर्की के पास हाल ही में हुई बैलिस्टिक मिसाइल अवरोधन की घटनाओं का हवाला देते हुए गठबंधन की रक्षात्मक तैयारी को मजबूत बताया। इस बीच, बुल्गारिया की राष्ट्रपति Iliana Iotova पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सलाहकार परिषद की बैठक बुलाने का दबाव लगातार बनता जा रहा है।

सुरक्षा विश्लेषकों की अलग-अलग राय

इस पूरे मामले को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ भी दो अलग-अलग हिस्सों में बंटे हुए नजर आ रहे हैं। सेंटर फॉर यूरोपियन रिफॉर्म की विशेषज्ञ Armida van Rij का ऐसा मानना है कि दक्षिण-पूर्वी यूरोप को ईरान द्वारा एक आसान और आकर्षक लक्ष्य के रूप में देखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट काउंसिल ऑन ग्लोबल Affairs के अली बाकिर ने तर्क दिया कि यदि यूरोप पर किसी भी प्रकार का हमला किया जाता है तो वह ईरान के लिए उल्टा साबित होगा और इससे वैश्विक स्तर पर उसकी अलगाव की स्थिति और अधिक गहरी हो जाएगी। बुल्गारिया के पूर्व रक्षा मंत्री Todor Tagarev का मानना है कि बुल्गारिया के लिए मुख्य खतरा सीधे मिसाइल हमलों से ज्यादा हाइब्रिड ऑपरेशंस से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा मध्य पूर्व के विशेषज्ञ Marian Karagyozov ने यह भी स्पष्ट किया कि नाटो के खिलाफ कोई नया सैन्य मोर्चा खोलने में ईरान की कोई स्पष्ट रणनीतिक रुचि नहीं दिखाई देती है।

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