अमेरिका के साथ बातचीत हुई फेल, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव बढ़ाने की दी धमकी.

Praggya Singh sabal17 August 20262 min read74 viewsWorld
अमेरिका के साथ बातचीत हुई फेल, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव बढ़ाने की दी धमकी.

अमेरिका के साथ राजनयिक बातचीत बेनतीजा रहने के बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने सोमवार को घोषणा की कि ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और आसपास के पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की योजना बना रहा है। इस चेतावनी के बाद खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है, जिसका असर वहां रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।

समझौता खत्म होने के बाद बदला ईरान का रुख

दोनों देशों के बीच 60 दिन का समझौता यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग खत्म हो चुका है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह इस समझौते को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। ब्रिगेडियर जनरल यादोलल्लाह जवानी समेत कई ईरानी अधिकारियों ने आक्रामक रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। उनका कहना है कि जब तक वाशिंगटन उनकी शर्तें नहीं मानता, तब तक यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद रहेगा। ईरान की मुख्य मांगों में प्रतिबंधों को हटाना, नुकसान की भरपाई करना और रोके गए फंड को जारी करना शामिल है।

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अमेरिका और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर अमेरिकी प्रशासन की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स के साथ बैकचैनल होने की पुष्टि की, लेकिन साथ ही ओमान को बातचीत में दखल न देने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने दावा किया कि समुद्री यातायात पर मंडरा रहा खतरा कम हो गया है, भले ही टैंकरों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई हो।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अशांति के बीच लाल सागर में सऊदी नौसेना के जहाज पर हूती विद्रोहियों के हमले की खबर आई। इसके अलावा, कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के कार्यालयों पर भी ड्रोन से हमले किए गए, जिन्हें ईरानी क्षेत्र से लॉन्च किया गया था। ईरान लगातार मौजूदा अस्थिरता के लिए अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। खाड़ी देशों में इस तरह के तनाव से सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

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