कैस्पियन सागर पर ईरान का बड़ा बयान, सुरक्षा खतरों को लेकर तटीय देशों से की कड़ी निंदा की मांग.

Praggya Singh sabal12 August 20262 min read49 viewsWorld
कैस्पियन सागर पर ईरान का बड़ा बयान, सुरक्षा खतरों को लेकर तटीय देशों से की कड़ी निंदा की मांग.

कैस्पियन सागर दिवस और तेहरान कन्वेंशन की 20वीं वर्षगांठ के मौके पर ईरान ने क्षेत्र के सभी पांच तटीय देशों से सुरक्षा खतरों की कड़ी निंदा करने की अपील की है। 12 अगस्त 2026 को दिए गए इस बयान में ईरान ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सामूहिक जिम्मेदारी उठाने पर जोर दिया है ताकि बाहरी ताकतों के दखल को पूरी तरह से रोका जा सके।

ईरान के उप विदेश मंत्री का बड़ा बयान

ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने स्पष्ट किया कि कैस्पियन सागर की सुरक्षा पूरी तरह से एक आंतरिक क्षेत्रीय मामला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े सभी फैसले केवल तटीय देशों द्वारा ही लिए जाने चाहिए जिनमें ईरान, अजरबैजान, कजाकिस्तान, रूस और तुर्कमेनिस्तान शामिल हैं। ग़रीबाबादी ने चेतावनी दी कि कैस्पियन सागर को किसी भी प्रतियोगिता का अखाड़ा या बाहरी ताकतों की सैन्य मौजूदगी का केंद्र नहीं बनने देना चाहिए। मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच इस क्षेत्र का रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है।

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पर्यावरणीय चुनौतियों पर साझा जिम्मेदारी

ईरान के अधिकारी ने यह भी बताया कि बदलते समय में क्षेत्र के सामने कई गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। घटता जल स्तर, बढ़ता प्रदूषण और कमजोर होते पारिस्थितिकी तंत्र तटीय देशों के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं। अलग-अलग राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बावजूद उन्होंने सभी देशों से आपसी बातचीत और सहयोग जारी रखने का आग्रह किया ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके।

संसद में सौंपी गई कानूनी स्थिति पर कन्वेंशन

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने घोषणा की कि सरकार ने 2018 के कैस्पियन सागर की कानूनी स्थिति से संबंधित कन्वेंशन को औपचारिक मंजूरी के लिए संसद में पेश कर दिया है। अन्य चारों तटीय देशों ने इस समझौते को पहले ही मंजूरी दे दी है, लेकिन ईरान की मुहर लगना इसके पूरी तरह लागू होने के लिए बेहद जरूरी है। इस कानूनी ढांचे का उद्देश्य क्षेत्र में स्पष्ट नियम तय करना और बाहरी ताकतों द्वारा किसी भी तरह के अवैध दोहन को रोकना है।

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