अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंधों पर ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया कड़ा कदम.

Aanya26 August 20263 min read65 viewsWorld
अमेरिका के एकतरफा प्रतिबंधों पर ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया कड़ा कदम.

तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका की तरफ से लगाए जा रहे एकतरफा और गैरकानूनी प्रतिबंधों के खिलाफ खुलकर सामने आने की अपील की है। ईरान के अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अमेरिका जिस तरह से अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कर रहा है, उसे पूरी दुनिया को मिलकर रोकना चाहिए क्योंकि यह संप्रभुता के खिलाफ है।

संयुक्त राष्ट्र में गूंजी ईरान की आवाज

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक के दौरान, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के उप स्थायी प्रतिनिधि Gholamhossein Darzi ने 26 अगस्त 2026 को यह बड़ा बयान दिया। उन्होंने परिषद से साफ शब्दों में इन प्रतिबंधों को खारिज करने की मांग की। उनका कहना था कि अमेरिका इन आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल करके दूसरे देशों को अपनी बात मानने पर मजबूर करना चाहता है, जो पूरी तरह से गलत है। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2417 का भी जिक्र किया, जो युद्ध के दौरान भुखमरी को हथियार बनाने से रोकता है।

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ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और अमेरिकी दावा

यह पूरा विवाद अमेरिका के उस कदम के बाद गरमाया है जिसमें अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 25 अगस्त 2026 को "Operation Economic Outcast" की शुरुआत की थी। इस अभियान का मुख्य मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से अलग-थलग करना है। इसके तहत अमेरिका ने उन सभी देशों को चेतावनी दी है जो तेहरान के साथ व्यापार जारी रखेंगे। अमेरिका ने साफ कहा है कि ऐसे देशों को अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 26 अगस्त 2026 को अमेरिकी अधिकारी ने दावा किया कि इन नए प्रतिबंधों के असर से ईरानी नेतृत्व घबराहट में है।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और चेतावनी

अमेरिका के इस कदम पर ईरानी अधिकारियों ने बहुत कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इन अमेरिकी कदमों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह यूएन चार्टर के नियमों का खुला उल्लंघन है और इसका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। इसके अलावा, ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री Ali Madanizadeh ने जानकारी दी कि देश ने इस स्थिति से निपटने के लिए बहुत पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी। उन्हें पूरा भरोसा है कि चीन और रूस जैसे देश अमेरिका की इस मनमानी के आगे नहीं झुकेंगे और ईरान का साथ देंगे। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख Mohsen Rezai ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अमेरिका अपनी इन हरकतों से बाज नहीं आया, तो इसका बहुत खतरनाक जवाब दिया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंटी दुनिया की राय

इस पूरे मामले पर दुनिया भर के देशों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग आ रही हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने 26 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि बीजिंग ईरान के साथ अपना सहयोग पूरी तरह जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि यह आपसी व्यापार अंतरराष्ट्रीय नियमों के दायरे में है और अमेरिका का यह कदम वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को खतरे में डाल रहा है। दूसरी तरफ, खाड़ी देशों के रुख में बदलाव भी देखने को मिला है, जहां संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यापार को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का मानना है कि यह फैसला वाशिंगटन के साथ पूरी तरह से बातचीत के बाद लिया गया है। इससे पहले जून के महीने में पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर बात हुई थी, लेकिन ताजा हालात ने तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है।

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