Iran US Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिन का युद्धविराम समझौता खत्म होने की कगार पर, पाकिस्तान कर रहा है बचाने की कोशिश.

Aanya12 August 20263 min read78 viewsWorld
Iran US Ceasefire: ईरान और अमेरिका के बीच 60 दिन का युद्धविराम समझौता खत्म होने की कगार पर, पाकिस्तान कर रहा है बचाने की कोशिश.

ईरान और अमेरिका के बीच हुआ 60-day ceasefire agreement अब खत्म होने की तारीख के करीब आ गया है। इस समझौते को कराने में पाकिस्तान ने बड़ी भूमिका निभाई थी और अब इसके आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही है। यह समझौता 17 अगस्त 2026 को खत्म हो रहा है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ सकता है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 17 जून 2026 को एक समझौता ज्ञापन यानी MOU पर हस्ताक्षर किए गए थे। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी एक शुरुआती युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत के जरिए शांति स्थापित करना था। पाकिस्तानी सरकार के सूत्रों ने 12 अगस्त को यह जानकारी दी कि दोनों पक्षों ने मध्यस्थों को इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अपनी रजामंदी दे दी है, हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि इसे कितने दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा।

ईरान का रुख और समझौते पर विवाद

दूसरी तरफ, एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने 12 अगस्त को समाचार एजेंसी रॉयटर को यह जानकारी दी कि तेहरान युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर कोई सक्रिय बातचीत नहीं कर रहा है। ईरानी पक्ष का आरोप है कि अमेरिका ने इस अंतरिम समझौते का उल्लंघन किया था और बाद में इससे पीछे हट गया था। इस ईरानी सूत्र का यह भी कहना है कि मौजूदा बातचीत सिर्फ इस बात पर हो रही है कि क्या अमेरिका दोबारा से उस पुराने MOU में वापस लौटेगा या नहीं, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई खास प्रगति नहीं हुई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने इस बात की पुष्टि की है कि इस समझौते की समयसीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के दरवाजे बंद नहीं कर रहा है और दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की टेबल पर लाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। इससे पहले 8 जुलाई से 24 जुलाई 2026 के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह से रुक गई थी, जिसके बाद सैन्य झड़पें भी देखने को मिली थीं। इन झड़पों की मुख्य वजह सुरक्षा गारंटियों और Strait of Hormuz से जहाजों के आने-जाने की आजादी को लेकर आपसी मतभेद थे।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और क्षेत्रीय देशों की भूमिका

पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Raza Naqvi ने 11 अगस्त को तेहरान का दौरा किया था। वहां उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की, जिससे यह साफ होता है कि इस पूरे मामले में पाकिस्तान कितनी अहम भूमिका निभा रहा है। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पहले ही इस बात पर जोर दिया था कि अब देशों को ना तो युद्ध और ना ही शांति जैसी स्थिति से बाहर निकलना होगा। वहीं, विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने यह भी बताया कि ईरान और ओमान Strait of Hormuz के जरिए नए शिपिंग रूट को लेकर एक समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि, यह समझौता इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका ईरान को कितना मुआवजा देता है और अन्य शर्तें क्या होती हैं। इस पूरे मामले पर अंतिम मुहर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी United Nations Security Council के एक बाइंडिंग प्रस्ताव के जरिए लगने की उम्मीद है। इसके अलावा कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे देश भी इस बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं ताकि खाड़ी देशों में शांति बनी रहे और किसी तरह का बड़ा संकट पैदा न हो।

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