अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौता फेल, ईरान ने इसराइल को बताया सबसे बड़ा रोड़ा.

Praggya Singh sabal18 August 20262 min read77 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौता फेल, ईरान ने इसराइल को बताया सबसे बड़ा रोड़ा.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इस बार मामला अमेरिका, ईरान और इसराइल के बीच का है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर इस बात की घोषणा की है कि इसराइल उनकी सरकार और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर समझौते को लागू करने में सबसे बड़ा दुश्मन और रुकावट साबित हुआ है। ईरानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि इसराइल की सरकार ने लगातार उस समझौते को कमजोर करने का काम किया जिसे शुरुआत में 17 जून 2026 को साइन किया गया था। उनका कहना था कि इस समझौते की शर्तों को इसराइल ने इसे साइन करने के दो हफ्ते के भीतर ही तोड़ दिया था। ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि इस समझौते की बातें ज्यादातर ईरान के पक्ष में थीं और कई दूसरे देशों के राजदूतों ने भी इस बात को माना था।

समझौते की समय सीमा खत्म और अमेरिका का बड़ा फैसला

इस आपसी समझौते के लिए 60 दिन का समय तय किया गया था जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर एक बड़ा समझौता करना था। यह समय सीमा सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पूरी तरह खत्म हो गई। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह इस अस्थाई सीजफायर की तारीख को आगे नहीं बढ़ाएगा। बातचीत के पूरी तरह फेल हो जाने के बाद, रॉयटर्स से बात करते हुए एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ईरान अब पूरी तरह से आक्रामक सैनिक रुख अपनाने जा रहा है। साथ ही ईरानी विभागों को होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में तनाव बढ़ाने के लिए पूरी तैयारी करने का निर्देश दे दिया गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी

क्षेत्रीय हालात बहुत ज्यादा तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को सुबह 10 बजे से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी शुरू कर दी है। यह तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया जब ऐसी खबरें आईं कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल ट्रैफिक यानी व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को रोक दिया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी दूत Jared Kushner सीजफायर खत्म होते ही इसराइल पहुंच गए हैं जहां उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ बोर्ड ऑफ पीस प्लान पर बातचीत की। इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि बातचीत अभी जारी है लेकिन उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह स्ट्रेट को दोबारा न खोलकर समझौते का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, तब तक इसराइल गाजा से पीछे नहीं हटेगा। हमास के प्रतिनिधियों ने संकेत दिए हैं कि अगर इसराइल शांति योजना की शर्तों को मानता है तो वे अमेरिकी समर्थित शांति योजना के तहत हथियार डाल देंगे। कब्जाए गए वेस्ट बैंक में भी लगातार झड़पों की खबरें आ रही हैं क्योंकि कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment