अमेरिका के साथ ईरान खेल रहा है बड़ा खेल, राष्ट्रपति ट्रंप पर मिडटर्म चुनाव का बना भारी दबाव।

Sushma Kumari26 August 20263 min read57 viewsWorld
अमेरिका के साथ ईरान खेल रहा है बड़ा खेल, राष्ट्रपति ट्रंप पर मिडटर्म चुनाव का बना भारी दबाव।

तेहरान अमेरिका के खिलाफ एक बहुत ही खतरनाक और उच्च दांव वाला खेल खेल रहा है। इस रणनीति के तहत तेहरान यह मानकर चल रहा है कि युद्ध की वजह से दुनिया भर में फैल रही आर्थिक मर्जी और आने वाले नवंबर के मिडटर्म चुनावों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं की चिंताएं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पीछे हटने पर मजबूर कर देंगे। इस बात की जानकारी Cato Institute के Senior Fellow डग बेंडो (Doug Bandow) ने 26 अगस्त 2026 को अल जज़ीरा इंग्लिश के प्रोग्राम 'This is America' में दी। उन्होंने बताया कि किस तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात तेजी से बदल रहे हैं और इसका असर अमेरिकी राजनीति पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है।

अमेरिका में घरेलू राजनीतिक दबाव और जनता की नाराजगी

जैसे-जैसे यह संघर्ष छह महीने से अधिक का समय पार कर चुका है, वैसे-वैसे अमेरिकी प्रशासन पर घरेलू राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अगस्त के मध्य की रिपोर्टों के अनुसार, जिनमें Arizona Daily Star और Quartz की जानकारी शामिल है, रिपब्लिकन पार्टी के सांसद इस बात को लेकर काफी चिंतित हैं कि इस युद्ध का असर उनके दोबारा चुनाव जीतने की संभावनाओं पर कैसा पड़ेगा। Reuters/Ipsos के एक हालिया पोल के मुताबिक, केवल 3 में से 1 मतदाता ही ईरान के साथ मामलों को संभालने के राष्ट्रपति के तरीके से संतुष्ट नजर आ रहा है। रिपब्लिकन कांग्रेस सदस्य माइक लॉलर (Mike Lawler) और पार्टी के अन्य सदस्यों ने खुलकर यह बात कही है कि बढ़ती ऊर्जा कीमतें, महंगाई और गिरती हुई रेटिंग उनकी राजनीतिक स्थिति को खतरे में डाल रही है। कई जानकारों का यह भी मानना है कि इन सभी दबावों से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चुनाव से पहले तेहरान के साथ किसी समझौते की राह तलाश सकते हैं।

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ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और वैश्विक प्रतिक्रिया

अमेरिकी प्रशासन ने 26 अगस्त 2026 को 'Operation Economic Outcast' नाम से एक नए प्रतिबंध अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तेहरान को वैश्विक वित्तीय प्रणाली से पूरी तरह से अलग-थलग करना है। इस कदम के बाद तेहरान के पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं क्योंकि आम नागरिकों ने संभावित आर्थिक संकट को देखते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। इन सबके बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान (Lin Jian) ने चेतावनी दी कि ये प्रतिबंध वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने अमेरिका से यह अपील की कि वह ईरान के साथ दूसरे देशों के सहयोग में किसी तरह की रुकावट पैदा करने से बचे। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक परमाणु सहयोग समझौते को औपचारिक समीक्षा के लिए कांग्रेस के पास भेज दिया है।

हॉर्मूज जलडमरूमध्य और समुद्री सुरक्षा के हालात

समुद्री संघर्ष की बात करें तो ईरान और ओमान ने 26 अगस्त 2026 को यह घोषणा की कि वे हॉर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने के लिए बातचीत कर रहे हैं। इसके तहत खदानों को साफ करके एक अस्थायी पारगमन मार्ग बनाने का प्रस्ताव है। तेहरान का यह साफ कहना है कि जब तक अमेरिका अपना नाकाबंदी या ब्लॉकेड नहीं हटाता, तब तक व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू नहीं हो सकती है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने 26 अगस्त को यह दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय पानी में मौजूद सभी खदानों को साफ या नष्ट किया जा चुका है और उन्होंने चेतावनी दी कि इलाके में खदान बिछाने की कोई भी नई कोशिश तुरंत और पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दी जाएगी। दूसरी ओर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने विदेशी मंत्रियों को जानकारी दी कि वाशिंगटन को फिलहाल ईरान पर किसी नए हमले की कोई उम्मीद नहीं है। इसके बावजूद NBC News की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी खुफिया सुविधाओं और निगरानी उपकरणों को 'अभूतपूर्व नुकसान' पहुंचाया है।

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