ईरान और अमेरिका के बीच समझौते का दावा गलत, इस्लामाबाद एग्रीमेंट को लेकर अभी बातचीत जारी

ईरान और अमेरिका के बीच किसी बड़े समझौते को लेकर चल रही खबरों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। 2 अगस्त 2026 को सऊदी न्यूज़ ने दावा किया कि ईरान की शूरा काउंसिल ने अमेरिका के साथ हुए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर सहमति जता दी है। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि अभी अंतिम समझौते की बातचीत शुरू नहीं हुई है।
क्या है विवाद की असल वजह
ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता Hassan Ghashghavi ने बताया कि कतर, पाकिस्तान और ओमान के मध्यस्थ 'इस्लामाबाद एग्रीमेंट' को फिर से लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बातचीत में सबसे बड़ी अड़चन हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर है। अमेरिका ने दावा किया था कि इसे खोलने पर सहमति बन गई है, लेकिन ईरान की Fars News Agency ने साफ कहा कि जब तक अमेरिका अपनी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई बंद नहीं करेगा, तब तक यह जलमार्ग बंद ही रहेगा।
समझौते का क्या है हाल
यह MOU 18 जुलाई 2026 से ही निलंबित है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अमेरिका द्वारा अपने वादे पूरे न करने के कारण ईरान ने भी अपनी जिम्मेदारियों को रोक दिया है। 30 जुलाई को उन्होंने दोहराया था कि अभी किसी अंतिम समझौते पर बातचीत का चरण नहीं आया है। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का सैन्य हमले रोकने और समझौते के पैरामीटर्स तय होने का दावा भी ईरान ने पूरी तरह नकार दिया है।