Strait of Hormuz Tension: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, शिपिंग ट्रैफिक पर पड़ा भारी असर

Aanya13 August 20262 min read56 viewsWorld
Strait of Hormuz Tension: ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव, शिपिंग ट्रैफिक पर पड़ा भारी असर

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। 13 अगस्त 2026 को ईरान के बासिज अर्धसैनिक बलों के प्रमुख होसैन ताएब ने बयान दिया कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग पूरी तरह से ईरानी नियंत्रण और प्रबंधन के तहत है। उनके इस दावे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान को सीधे तौर पर चुनौती दी है जिसमें उन्होंने एक दिन पहले दावा किया था कि अमेरिका के पास इस मार्ग पर 'स्टील की दीवार' और पूर्ण नियंत्रण मौजूद है। इस बढ़ते टकराव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां सफर करने वाले यात्रियों के मन में चिंता का माहौल पैदा हो गया है।

शिपिंग ट्रैफिक में भारी गिरावट और वैश्विक असर

इस ताजा गतिरोध की वजह से वैश्विक समुद्री परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मंगलवार को इस रास्ते पर शिपिंग ट्रैफिक गिरकर केवल आठ जहाजों के निचले स्तर पर पहुंच गया। युद्ध जैसी इस स्थिति से पहले इस रूट पर औसतन 130 जहाज प्रतिदिन निकलते थे, जिसके मुकाबले यह बहुत बड़ी गिरावट है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इस दौरान 59 कमर्शियल जहाजों का मार्ग बदला है, तीन जहाजों को निष्क्रिय किया है और दो जहाजों पर बोर्डिंग की है। इसके बावजूद अमेरिकी सेना का यह कहना है कि यह जलमार्ग निष्पक्ष आवाजाही के लिए अभी भी खुला हुआ है।

ईरान की मांग और क्षेत्रीय स्थिति

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नाकाबंदी खत्म नहीं करता, ईरान के जमे हुए फंड यानी frozen assets को जारी नहीं करता और एक बड़े क्षेत्रीय युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध नहीं होता, तब तक यह जलमार्ग पूरी तरह से बंद रहेगा। सैन्य तनाव के बढ़ने के बीच ईरान के केशम द्वीप तक एक तेल का रिसाव पहुंच गया है, जिससे पर्यावरण पर भी संकट खड़ा हो गया है। इस पूरी स्थिति से निपटने के लिए ईरानी अधिकारियों ने चल रही नाकाबंदी के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक प्रतिक्रिया के तहत अपने सैन्य नेतृत्व में भी फेरबदल किया है।

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