Iran और America के बीच बातचीत फिर रुकी, Hormuz Strait को लेकर सामने आई नई शर्तें

Sushma Kumari9 August 20263 min read105 viewsWorld
Iran और America के बीच बातचीत फिर रुकी, Hormuz Strait को लेकर सामने आई नई शर्तें

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर से तनाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। ईरानी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका जून महीने में हुए अंतरिम समझौते का पालन नहीं करता, तब तक सीधी बातचीत संभव नहीं हो पाएगी। इस पूरे घटनाक्रम का असर सीधे तौर पर खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है, क्योंकि व्यापारिक मार्ग और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे गरमाते जा रहे हैं।

Abbas Araghchi का बड़ा बयान और अमेरिका पर आरोप

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 9 अगस्त 2026 को यह आधिकारिक घोषणा की कि उनका देश अमेरिका के साथ तब तक कोई नई वार्ता नहीं करेगा जब तक जून में साइन हुए अंतरिम समझौते के नियमों का उल्लंघन जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों यानी तीसरे पक्षों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान अभी भी हो रहा है। ईरान का मुख्य आरोप यह है कि अमेरिका ने 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन यानी MoU की धारा 5 का उल्लंघन किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका Hormuz जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में नए रास्ते बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि तेहरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि पुराना ट्रैफिक सिस्टम अब स्वीकार्य नहीं है। इसी बीच, शनिवार 8 अगस्त 2026 को Hormuz जलडमरूमध्य में एक ADNOC के जहाज को ईरानी मिसाइल द्वारा निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और अधिक बढ़ गईं।

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Strait of Hormuz को खोलने के लिए ईरान की नई और कड़ी शर्तें

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल यानी SNSC के सचिव Mohammad Bagher Zolghadr ने स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने के लिए कुछ नई और बहुत बड़ी मांगें सामने रखी हैं। इन पुरानी और नई शर्तों में अमेरिका की तरफ से मिल रही धमकियों को बंद करना, लेबनान, फलस्तीन, यमन और इराक में ईरान तथा उसके सहयोगियों पर हमलों को हमेशा के लिए रोकना शामिल है। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को हटाने, अमेरिकी सेना को वापस बुलाने, दो पुराने युद्धों के लिए पूरा मुआवजा देने, सभी प्रतिबंधों को हटाने और जमे हुए ईरानी फंड को बिना किसी शर्त के तुरंत जारी करने की मांग की गई है। ये सभी मांगें उस पुराने समझौते के दायरे से बाहर हैं, जिसमें पहले प्रतिबंधों में राहत और फंड को केवल परमाणु कार्यक्रम से जोड़ा गया था। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस मामले में समझौता करने की कोशिशों का समर्थन करते हुए कहा कि अब किसी भी डील को फाइनल करने का सबसे सही समय चल रहा है।

Oman के साथ कानूनी तंत्र और खाड़ी देशों की प्रतिक्रिया

ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से ट्रैफिक को मैनेज करने को लेकर एक कानूनी तंत्र तैयार करने पर बात लगभग आखिरी चरण में पहुंच चुकी है। हालांकि विदेश मंत्री ने यह साफ कर दिया है कि ओमान के साथ इस आपसी समझ का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल दिया गया है। रास्ते को पूरी तरह से चालू करना अमेरिका की तरफ से जून के समझौते के उल्लंघन पर मिलने वाले मुआवजे और अन्य शर्तों पर निर्भर करता है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने इन वार्ताओं को लेकर थोड़ी उम्मीद जरूर जताई है, जबकि इस अंतिम समझौते को पूरा करने के लिए तय किए गए 60 दिन का समय अब बस खत्म होने वाला है। इस पूरे मामले की अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं। खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC और संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन द्वारा इस डील को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी इन बदलती हुई सुरक्षा स्थितियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि किसी भी बड़े तनाव का असर क्षेत्रीय उड़ानों और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

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