अमेरिका के नए प्रतिबंधों के खिलाफ ईरान की दो टूक, कहा- किसी भी कीमत पर नहीं झुकेंगे सामने

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 23 अगस्त 2026 को साफ कर दिया कि उनका देश इस समय आर्थिक और सैन्य युद्ध का सामना कर रहा है। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान अमेरिकी प्रतिबंधों के आगे बिल्कुल नहीं झुकेगा और अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा रहेगा। ईरान का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका की तरफ से अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी चल रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने घोषणा की थी कि सोमवार 25 अगस्त 2026 को ईरान पर ये सख्त प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती तनातनी
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezaei ने भी 23 अगस्त को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि जो भी देश अमेरिकी प्रतिबंधों का साथ देगा, उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा और उसके हितों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और तब तक नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को नया अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर दिया है और वहां कुल नियंत्रण का दावा किया है। इस इलाके में तेल की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक चुकी है, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों में चिंता का माहौल है।
यूएन चार्टर का उल्लंघन और कूटनीतिक हलचल
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका की इन योजनाओं की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे पूर्ण श्रेणी का उपनिवेशवाद बताया और इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन करार दिया। इससे पहले 22 अगस्त को ईरान की सशस्त्र सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल Ali Abdollahi ने भी किसी भी खतरे का मुंहतोड़ और भयानक जवाब देने का वादा किया था। इसी बीच संसद के स्पीकर Mohammad Ghalibaf ने 23 अगस्त को जानकारी दी कि तेहरान को पड़ोसी देशों से नए सुरक्षा और आर्थिक समझौतों को लेकर संदेश मिले हैं, जिससे कूटनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी असर और जनता की मुश्किलें
इन तमाम अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और तनाव का सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ रहा है। 23 अगस्त 2026 तक ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा चुकी है और वहां की मुद्रा रियाल गिरकर 1,043,000 rials per dollar के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। यूएई द्वारा 19 अगस्त को तेहरान के साथ व्यापार और वित्तीय लेन-देन रोकने के फैसले के बाद से स्थितियां और कठिन हो गई हैं। हालांकि कूटनीतिक बातचीत के प्रयास भी जारी हैं और 22 अगस्त को मिस्र और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर संभावित वार्ताओं को लेकर चर्चा हुई। चीन ने भी अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कूटनीति के रास्ते पर चलने की बात कही है, जबकि ईरान अपने सहयोगियों के साथ व्यापार बढ़ाकर और गुप्त तेल नेटवर्क के जरिए इन प्रतिबंधों को मात देने की कोशिश कर रहा है।