Iran का बड़ा ऐलान, अमेरिका के आर्थिक दबाव का साथ देने वाले देशों को दी युद्ध की धमकी

Aanya23 August 20262 min read63 viewsWorld
Iran का बड़ा ऐलान, अमेरिका के आर्थिक दबाव का साथ देने वाले देशों को दी युद्ध की धमकी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव एक बार फिर से अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है और इस बार मामला सीधे तौर पर खाड़ी देशों और वैश्विक तेल आपूर्ति से जुड़ गया है। ईरान ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका के नए आर्थिक उपायों का समर्थन करेगा, उसे दुश्मन माना जाएगा और इस समर्थन को युद्ध की कार्रवाई समझा जाएगा। यह बड़ा बयान 22 अगस्त 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei की तरफ से सामने आया है। सरकारी टीवी चैनल IRIB TV को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने पड़ोसी देशों को आगाह किया कि यदि वे अमेरिका के इस दबाव अभियान का हिस्सा बनते हैं, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से तेल के निर्यात को पूरी तरह से बंद कर देगा। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जब तक अमेरिका जून के शांति समझौते के तहत किए गए अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक वहां से तेल की एक भी बूंद बाहर नहीं जाने दी जाएगी।

अमेरिका का आर्थिक डी-डे और कड़े प्रतिबंधों की तैयारी

यह पूरा विवाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की उस घोषणा के बाद और ज्यादा गहरा गया है, जिसमें उन्होंने इसे आर्थिक डी-डे करार दिया था। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा आर्थिक अभियान है। इसी कड़ी में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent सोमवार, 24 अगस्त 2026 को इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का ऐलान करने वाले हैं। अमेरिका की इन चालों को लेकर ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 23 अगस्त 2026 को घोषणा की कि उनका देश इस समय अमेरिका के खिलाफ आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा मोर्चे पर पूरी ताकत के साथ लड़ रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका के इन कदमों को बौखलाहट भरा और धमकाने वाला बताया है, जबकि उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने इन प्रतिबंधों को गैरकानूनी और क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के हालात और कूटनीतिक कोशिशें

मौजूदा हालात में होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग बंद है, हालांकि ईरान ने बगदाद के अनुरोध पर कुछ इराकी तेल टैंकरों को वहां से गुजरने की अनुमति दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी देश की संपत्ति पर वार करने से पहले प्रभावित देशों से बातचीत का रास्ता अपनाएंगे, लेकिन जो देश अमेरिकी नीतियों से खुद को अलग नहीं करेंगे, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। देश के भीतर आर्थिक दबाव को स्वीकार करते हुए संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने विकास को तेज करने की जरूरत पर जोर दिया है। इसी बीच ईरान ने فارس (Fars) प्रांत में 200 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस खोजने की भी घोषणा की है। इस तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं, जहां मिस्र के विदेश मंत्री ने ईरानी समकक्ष से बातचीत की है और पाकिस्तानी सेना प्रमुख भी स्थिति को संभालने के लिए 24 अगस्त को तेहरान का दौरा करने वाले हैं।

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