Iran का गल्फ देशों को बड़ा अल्टीमेटम, अमेरिका का साथ दिया तो बंद कर देंगे तेल का रास्ता.

Praggya Singh sabal22 August 20263 min read62 viewsUAE
Iran का गल्फ देशों को बड़ा अल्टीमेटम, अमेरिका का साथ दिया तो बंद कर देंगे तेल का रास्ता.

खाड़ी देशों में इन दिनों तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि ईरान के एक बड़े अधिकारी ने सभी पड़ोसी देशों को सख्त चेतावनी दे दी है। 22 अगस्त 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने गल्फ देशों से साफ शब्दों में कहा कि वे अमेरिका की तरफ से लगाए जा रहे आर्थिक प्रतिबंधों और दबाव की राजनीति में साथ न दें। अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर कोई भी पड़ोसी देश इस आर्थिक युद्ध में शामिल हुआ तो उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा। इसके साथ ही यह धमकी भी दी गई कि ईरान ऐसे देशों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा और फारस की खाड़ी से होने वाले तेल के निर्यात को पूरी तरह से रोक देगा। इस बयान के बाद से वहां रहने वाले लोगों और नौकरी करने वाले प्रवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसका सीधा असर सामान्य जनजीवन और रोजमर्रा की उड़ानों पर पड़ सकता है।

अमेरिका का बड़ा दावा और ईरान की प्रतिक्रिया

दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उसी दिन एक बड़ा बयान देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को अमेरिकी क्षेत्र घोषित कर दिया। अमेरिका के इस दावे को ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक भ्रम बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े आर्थिक अभियान की घोषणा भी की है और यह चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरानी सरकार को वित्तीय या सरकारी स्तर पर मदद करेगा, उसे बहुत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इन सबके बीच रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC के कमांडर-इन-चीफ Ahmad Vahidi ने कहा कि देश ने अपनी रक्षा के लिए एक मजबूत ढाल तैयार कर ली है और वे अपनी रक्षात्मक और आक्रामक नीति पर पूरी तरह कायम हैं। इस गरमागरम माहौल के कारण भारत और अन्य देशों से खाड़ी क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों के मन में भी डर का माहौल बन रहा है, क्योंकि हालात किसी भी समय खराब हो सकते हैं।

ओमान के साथ बातचीत और व्यापार पर असर

इस भारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है और कहा है कि तेहरान अपनी ताकत के दम पर ही बात करेगा। ईरान और ओमान के बीच सुरक्षित समुद्री व्यापार और एक साझा शिपिंग रूट को लेकर लगातार चर्चा चल रही है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्रीय अस्थिरता कम नहीं हो रही है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी आई है। ओमान के पास एक पोत पर हुए हमले की घटना के बाद से नाविकों और चालक दल की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इसके अलावा 19 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने ईरान के साथ होने वाले सभी तरह के व्यापार और वित्तीय लेन-देन को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया। यूएई ने यह कदम मिसाइल हमलों के आरोपों के बाद उठाया है, हालांकि तेहरान ने इन हमलों में अपना हाथ होने से साफ इनकार किया है। ईरानी अधिकारी Mohsen Rezaei ने एक बार फिर दोहराया है कि जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता और अपना रवैया नहीं बदलता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य उन सभी देशों के लिए बंद रहेगा जो इस नाकाबंदी में शामिल हैं। खाड़ी देशों में चल रहे इन घटनाक्रमों से वहां काम करने वाले लाखों प्रवासियों और उनके परिवारों में बेचैनी साफ देखी जा सकती है।

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