Iran की कड़ी चेतावनी, Gulf देशों ने अमेरिका की मदद की तो इसे जंग में सीधी भागीदारी माना जाएगा

Aanya19 August 20262 min read76 viewsUAE
Iran की कड़ी चेतावनी, Gulf देशों ने अमेरिका की मदद की तो इसे जंग में सीधी भागीदारी माना जाएगा

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने खाड़ी देशों को एक सख्त चेतावनी जारी की है। 18 अगस्त से 19 अगस्त 2026 के दौरान दी गई इस चेतावनी में साफ कहा गया है कि यदि कोई भी देश अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपनी जमीन या सुविधाओं का इस्तेमाल करने देता है, तो इसे तेहरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाई माना जाएगा। ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने 19 अगस्त को यह स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय बेस से अमेरिकी सैन्य विमानों का संचालन बिना मेजबान देशों की जानकारी के संभव नहीं है।

यूएई ने रोकीं ईरान की मिसाइलें और व्यापार

क्षेत्रीय तनाव तब और बढ़ गया जब 18 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया और उन्हें हवा में रोक दिया। यूएई के मुताबिक, एक मिसाइल क्षेत्रीय जल सीमा के बाहर गिरी जबकि दूसरी ने देश के भीतर असर डाला। इसके बाद यूएई के विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यावसायिक और वित्तीय लेन-देन को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। यूएई का आरोप था कि ईरान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। हालांकि, ईरान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संघर्ष भड़काने वाला झूठा अभियान बताया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी और Strait of Hormuz का विवाद

दूसरी तरफ, अमेरिका अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। अमेरिकी विमानवाहक पोत USS George Washington को मध्य पूर्व में तैनात किया गया है जो USS Abraham Lincoln की जगह लेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ फिलहाल कोई बातचीत नहीं चल रही है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का नियंत्रण है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने ओमान को भी चेतावनी दी है यदि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के मामले में ईरान के साथ कूटनीतिक संपर्क जारी रखता है।

बता दें कि इस क्षेत्र में 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद से हालात बेहद खराब चल रहे हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे। ईरानी सैन्य अधिकारियों और विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य समेत पूरे क्षेत्र में उनके सैनिक हाई अलर्ट पर हैं ताकि जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जा सकें।

Share:

Comments

Leave a comment