ईरान के हमलों से जूझ रहे कुर्दिश गुट, कहा- अमेरिका या यूरोप से नहीं मिल रही कोई मदद

इराक में मौजूद ईरानी कुर्दिश समूहों ने साफ किया है कि उन्हें अमेरिका, यूरोप या किसी भी अरब देश से कोई सैन्य मदद नहीं मिल रही है। 1 अगस्त 2026 को इन समूहों ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें विदेशी हथियारों की मदद लेने का दावा किया गया था। ये समूह लंबे समय से ईरान के हमलों का सामना कर रहे हैं और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की तलाश में हैं।
लगातार हो रहे हमले और बढ़ता खतरा
ईरान और उसके समर्थित गुट इराक के उत्तरी हिस्सों में स्थित कुर्दिश ठिकानों पर लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहे हैं। जुलाई 2026 के अंत में इन हमलों में काफी तेजी आई है। कोमाला, कुर्दिश फ्रीडम पार्टी (PAK) और कुर्दिश डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ ईरान (KDPI) जैसे संगठनों ने बताया है कि उनके कई लड़ाके इन हमलों में मारे गए हैं। हाल ही में हुए एक हमले में 10 लड़ाकों की मौत हुई है।
अमेरिका और इराक का रुख
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने मार्च 2026 में स्पष्ट किया था कि अमेरिका किसी भी विशेष गुट को हथियार देने की योजना नहीं बना रहा है। वहीं, इराक सरकार ने अपने क्षेत्र में होने वाले हमलों पर चिंता जताई है और इराक में मौजूद इन ठिकानों पर विदेशी हमलों की आलोचना की है। अमेरिका की इराक से 30 सितंबर 2026 तक अपनी पूरी सेना हटाने की रिपोर्ट के बाद से इन समूहों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।