Iran News: अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से ईरान की मुद्रा रियाल में भारी गिरावट, डॉलर के मुकाबले कीमत हुई आधी.

ईरान की अर्थव्यवस्था को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि वहां की मुद्रा इरानी रियाल की कीमत में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। रविवार, 23 अगस्त 2026 को अनौपचारिक बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की कीमत गिरकर 20 लाख रियाल से भी नीचे चली गई। इस बड़ी गिरावट के साथ ही सिर्फ एक हफ्ते के भीतर मुद्रा ने अपनी कीमत का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है, जो इससे पहले लगभग 18.65 लाख रियाल प्रति डॉलर के आसपास थी। पिछले साल यानी अगस्त 2025 की तुलना में, जब एक डॉलर की कीमत लगभग 9.58 लाख रियाल थी, तब से अब तक ईरानी मुद्रा अपनी आधी से ज्यादा वैल्यू खो चुकी है।
अमेरिका के नए प्रतिबंधों का खतरा
यह आर्थिक संकट ऐसे समय में और गहरा गया है जब पूरा देश सोमवार, 24 अगस्त 2026 का इंतजार कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की है कि वह स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे तेहरान के खिलाफ इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों का ऐलान करेंगे। इससे पहले 17 जून 2026 को खत्म हुई 60 दिन की समय सीमा के दौरान तेहरान के परमाणु कार्यक्रम या प्रतिबंधों में राहत को लेकर कोई भी नया समझौता नहीं हो पाया था, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती ने 19 अगस्त 2026 को इस बात की पुष्टि की थी कि विदेशी संपत्तियों को फ्रीज मुक्त कराने वाला मुद्रा समझौता भी रोक दिया गया है।
ईरानी राष्ट्रपतिक का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस पूरे मामले पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को एक टीवी संबोधन में मौजूदा हालात को एक पूर्ण पैमाने पर आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध करार दिया। हालांकि, उन्होंने देश के आम नागरिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार महंगाई, बेरोजगारी और लोगों की आजीविका से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए लगातार काम कर रही है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका के आने वाले नए कदमों को उनकी निराशा करार दिया और साफ शब्दों में कहा कि वॉशिंगटन को न्याय और सम्मान के साथ बात करनी चाहिए। संसद के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने भी चेतावनी दी कि अगर देश के लोग भूखे रहेंगे और वित्तीय लेनदेन ठप रहेगा, तो सिर्फ सैन्य ताकत के सहारे देश का बचना मुमकिन नहीं होगा।
केंद्रीय बैंक का दावा और बाजार के हालात
बाजार में मची उथल-पुथल के बावजूद, केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती ने 22 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी थी कि देश का मौद्रिक संकट अभी पूरी तरह नियंत्रण में है और देश में अतिमुद्रास्फीति जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई है। मुद्रा की कीमत में आ रही इस लगातार गिरावट की मुख्य वजह बढ़ता आर्थिक दबाव, नए प्रतिबंधों का डर, ट्रंप प्रशासन के साथ रुकी हुई कूटनीतिक बातचीत और केंद्रीय बैंक के मुद्रा बचाव उपायों का बेअसर होना माना जा रहा है।