इराक सरकार की बड़ी चेतावनी: पड़ोसी देशों पर ड्रोन हमले की साजिश, हथियार रखने वाले समूहों पर होगी सख्त कार्रवाई

इराक के प्रधानमंत्री Ali Faleh Al-Zaidi के कार्यालय ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। खुफिया जानकारी के मुताबिक, इराक में मौजूद कुछ हथियारबंद गुट पड़ोसी देशों पर अगले 48 घंटों के भीतर ड्रोन से हमला करने की योजना बना रहे हैं। इस मुद्दे पर बगदाद में 5 अगस्त 2026 और 6 अगस्त 2026 को कई हाई-लेवल बैठकें की गई हैं, जिसमें देश की सुरक्षा के लिए मंडरा रहे इन बड़े खतरों पर खुलकर चर्चा की गई है।
राज्य के नियंत्रण में होंगे हथियार
State Administration Coalition की 37वीं बैठक में प्रधानमंत्री के साथ देश के राष्ट्रपति, संसद अध्यक्ष, मुख्य न्यायाधीश और कुर्दिस्तान क्षेत्र के प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान सरकार ने साफ कर दिया है कि इराक की धरती का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ हमलों के लिए कतई नहीं होने दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि जो भी गुट ऐसी हरकत करेंगे, उन्हें कानून के दायरे से बाहर माना जाएगा और उनके खिलाफ संविधान के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने इस मामले में एक सख्त डेडलाइन भी तय की है। इसके तहत 30 सितंबर 2026 के बाद अगर कोई भी गुट सरकारी नियंत्रण से बाहर हथियार रखता है या ऐसी गतिविधियों में पाया जाता है, तो उन पर सीधे तौर पर एंटी-टेररिज्म कानून (आतंकवाद विरोधी कानून) लागू किए जाएंगे।
पड़ोसी देशों की सख्त प्रतिक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, इराक में करीब छह ऐसे गुट हैं जिन्होंने अपने हथियार सौंपने से मना कर दिया है और उनकी मांग है कि पहले अमेरिकी सेना इराक से बाहर निकले। इस पूरे हालात को देखते हुए Saudi Arabia, Kuwait, Jordan, Syria, और Bahrain ने बगदाद को स्पष्ट कर दिया है कि अगर इराक की तरफ से उन पर हमला होता है, तो वे इसका कड़ा जवाब देंगे। हाल ही में सऊदी अरब ने भी इराक से आने वाले ड्रोन हमलों की जांच के लिए जानकारी मांगी थी।
बैठक में कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका ने भी चेतावनी दी है कि यदि हथियारों पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो सरकार और समर्थक गुटों के नेताओं के खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई हो सकती है। 4 अगस्त 2026 को सुरक्षा सूत्रों ने जानकारी दी कि अगर किसी सरकारी अधिकारी के अधिकार क्षेत्र से ड्रोन या मिसाइल दागी जाती है, तो उस अधिकारी को भी दंडित किया जाएगा। इराक सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुकी है कि वह देश को किसी भी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में धकेलने के खिलाफ है और शांति बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।