क्षेत्रीय संघर्ष के कारण इराक का पर्यटन उद्योग संकट में, लाखों डॉलर का हुआ नुकसान और होटलों में ताले.

क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष के चलते इराक के पर्यटन क्षेत्र को एक बहुत बड़ा झटका लगा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। फरवरी के महीने में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से इस इलाके में जो तनाव शुरू हुआ, उसका असर अब इराक के टूरिज्म सेक्टर पर साफ देखा जा सकता है। पत्रकार जैक हेसन की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा इस सेक्टर को फिर से पटरी पर लाने की तमाम कोशिशों के बावजूद पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे देश को करोड़ों डॉलर के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पवित्र शहरों और होटलों पर सबसे ज्यादा असर
इराक के धार्मिक और पवित्र शहरों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। कर्बला शहर में पर्यटकों की संख्या में लगभग 95 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस वजह से वहां सैकड़ों होटलों को पूरी तरह से बंद करना पड़ा है और ज्यादातर तीर्थ यात्रा दौरों को भी रोक दिया गया है। नजफ होटल एसोसिएशन ने जानकारी दी कि उनके इलाके के लगभग 250 होटलों में से 80 प्रतिशत होटल बंद हो चुके हैं। इस हालात के चलते 2,000 से अधिक कामगारों को या तो नौकरी से निकाल दिया गया है या फिर उन्हें बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया गया है। कुर्दिश क्षेत्र में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं, जहां एरबिल शहर को जून महीने तक के पिछले तीन महीनों में पर्यटन क्षेत्र में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
अकादमिक अध्ययन और आर्थिक संकट
मई 2026 में जारी किए गए एक शैक्षणिक अध्ययन में पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध अगर दो महीने तक भी खिंचता है, तो क्षेत्रीय पर्यटकों के आने में 27 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, गैर-खाड़ी देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में 34 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। यह गिरावट ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब इराकी सरकार पहले से ही एक बड़े वित्तीय संकट से जूझ रही है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के निर्यात पर रोक लगने के कारण देश के तेल राजस्व में भारी गिरावट आई है।
सरकार का दूसरा पक्ष और प्रवेश नियम
इन तमाम नकारात्मक रिपोर्टों के विपरीत, इराक के गृह मंत्रालय के मेजर जनरल मिकदाद मिरी ने 18 अगस्त 2026 को दावा किया था कि देश में पर्यटकों की संख्या में एक उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने इसके पीछे सुरक्षा में स्थिरता और नई प्रवेश प्रक्रियाओं का हवाला दिया। प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुडानी के नेतृत्व में इराक जनवरी 2026 में शुरू की गई एक राष्ट्रीय रणनीति पर काम कर रहा है, जिसके तहत साल 2035 तक 1 करोड़ यानी 10 मिलियन आगंतुकों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में बगداد को वर्ष 2025 के लिए अरब पर्यटन राजधानी के रूप में भी नामित किया था।
हालांकि, अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय देशों ने अभी भी अपने नागरिकों को इराक की यात्रा न करने की सलाह दी है। इन देशों का कहना है कि आतंकवाद, अपहरण और नागरिक अशांति के खतरों को देखते हुए इराक जाना सुरक्षित नहीं है। वर्तमान नियमों के अनुसार, अधिकांश विदेशी यात्रियों को यात्रा करने से पहले इलेक्ट्रॉनिक वीजा यानी eVisa प्राप्त करना अनिवार्य है, जिसे 1 मार्च 2025 से लागू किया गया था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ब्रिटिश सरकार की यात्रा सलाह भी देख सकते हैं।