IRGC ने किया बड़ा एलान, ईरान ने बदला अपना एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ढांचा.

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के एक अधिकारी ने 16 अगस्त 2026 को यह पुष्टि की कि देश ने हालिया संघर्ष के दौरान अपनी वायु रक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। इस नए बदलाव के तहत पारंपरिक एयर डिफेंस मॉडल को पूरी तरह से बदला गया है, जिसमें कमांड और कंट्रोल नेटवर्क, ट्रेनिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं में बड़े बदलाव शामिल किए गए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार इन बदलावों की मदद से इस संघर्ष के दौरान मिसाइल और एयर डिफेंस से जुड़े साजो-सामान को सुरक्षित रखने में काफी मदद मिली है।
रणनीतिक बदलाव और सैन्य नियुक्तियां
यह रणनीतिक बदलाव देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई द्वारा हाल ही में की गई सैन्य नियुक्तियों के बाद सामने आया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कमांड स्ट्रक्चर को मजबूत करना और युद्ध के मैदान में सेना को और अधिक फुर्तीला बनाना है। IRGC के अधिकारियों के अनुसार, ईरान की एयर डिफेंस उत्पादन क्षमता का 85% हिस्सा अभी भी पूरी तरह सुरक्षित है और मुख्य मिसाइलों तथा रक्षा उपकरणों के निर्माण की रफ्तार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
हाइब्रिड और आक्रामक युद्ध नीति
यह नया संगठन और बदलाव देश की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत आक्रामक और हाइब्रिड युद्ध क्षमताओं पर जोर दिया जा रहा है। इसका मकसद युद्ध के समय काम आने वाले कमांड नेटवर्क को और अधिक टिकाऊ और असरदार बनाना है ताकि भविष्य की हर चुनौती का सामना मजबूती के साथ किया जा सके। सैन्य बल इस नई व्यवस्था के जरिए अपनी रक्षात्मक ताकत को और अधिक पुख्ता करने में जुटे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और सटीक कार्रवाई की जा सके।