Iran News: ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में IRGC की बड़ी कार्रवाई, आतंकवादी गिरोह का आखिरी सदस्य भी हुआ गिरफ्तार.

ईरान के सुरक्षा बलों ने दक्षिण-पूर्वी इलाके में एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्स यानी IRGC ने यह आधिकारिक घोषणा की है कि उसने अपने देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मौजूद Sistan and Baluchestan प्रांत में एक खतरनाक आतंकवादी सेल के आखिरी बचे हुए सदस्य को भी जिंदा पकड़ लिया है। इस बड़ी और जोखिम भरी कार्रवाई को अंजाम देने का काम IRGC Ground Force’s Quds Base के जवानों ने किया, जिन्होंने IRGC Intelligence Organisation के साथ मिलकर बहुत ही सावधानी से पूरी योजना बनाई और इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। यह पूरा मामला और भी ज्यादा गंभीर हो जाता है क्योंकि इससे ठीक पहले August 6 and 7 को एक अन्य सुरक्षा मुठभेड़ के दौरान इसी आतंकवादी गिरोह के दो और सदस्यों को ईरानी सुरक्षा बलों ने मार गिराया था।
आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार यह आतंकवादी गिरोह प्रांत के दक्षिणी हिस्से में कुछ खास और महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े हमले करने की खतरनाक साजिश रच रहा था। जब सुरक्षा बलों ने इस आखिरी आतंकवादी को दबोचा तो उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। पकड़े गए सामान में खतरनाक विस्फोटक सामग्री, गोलियां और बातचीत करने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई आधुनिक कम्युनिकेशंस उपकरण भी शामिल थे जिन्हें अधिकारियों ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया। IRGC ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि इस आतंकवादी और मिलिटेंट ग्रुप को चलाने वाले नेताओं को बाहर के देशों से मदद मिलती है। उनके मुताबिक इस ग्रुप को United States और Israel के साथ-साथ क्षेत्र के कुछ अन्य प्रतिक्रियावादी देशों से भी लगातार सहायता और समर्थन मिल रहा था।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आगे की जांच पड़ताल
इस ताजा गिरफ्तारी के साथ ही दक्षिण-पूर्वी ईरान में इस विद्रोही और आतंकवादी समूह के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए चलाए जा रहे लक्षित सुरक्षा अभियान का एक अहम चरण पूरा हो गया है। देश के सुरक्षा अधिकारियों का साफ तौर पर यह कहना है कि यह आतंकवादी सेल क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए बहुत बड़ा खतरा बन चुका था। अधिकारियों के अनुसार इस बात की गहन जांच अभी भी जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस संगठन के तार बाहर के देशों से कहां-कहां जुड़े हैं और इनके रणनीतिक उद्देश्य असल में क्या थे। इस पूरी कार्रवाई को August 14, 2026 को सार्वजनिक किया गया जिसके बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।