Israel Airstrikes: इसराइल का दक्षिणी लेबनान पर बड़ा हमला, दो सीनियर कमांडर समेत 11 लोगों की मौत.

Sushma Kumari16 August 20262 min read75 viewsWorld
Israel Airstrikes: इसराइल का दक्षिणी लेबनान पर बड़ा हमला, दो सीनियर कमांडर समेत 11 लोगों की मौत.

इसराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में दो अलग-अलग सटीक हवाई हमलों के दौरान Hezbollah के दो वरिष्ठ कमांडरों को मार गिराने का दावा किया है। इस सैन्य कार्रवाई में कुल 11 लोगों की जान चली गई है, जिसमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। इस पूरी घटना के बाद से मध्य पूर्व में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है और कूटनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

किसको बनाया गया निशाना और क्या है पूरी घटना

इसराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF के मुताबिक, मारे गए कमांडरों की पहचान Abu Hassan Alaa और Ali Samir Al-Haj Hassan के रूप में हुई है। यह दोनों हवाई हमले 15 August 2026 और 16 August 2026 को किए गए थे। सेना का कहना है कि बद्र क्षेत्रीय डिवीजन के एक बड़े नेता अल-अला को Deir al-Zahrani इलाके में निशाना बनाया गया, जबकि राडवान फोर्स के बटालियन कमांडर अल-हज हसन को Ansar शहर में ढेर किया गया। इसराइल का यह भी कहना है कि यह कार्रवाई अली अल-ताहिर रिज के पास हुए एक ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें इसराइल के तीन सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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लेबनान सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रतिक्रिया

लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों में कम से कम 11 आम नागरिकों की मौत हुई है, जिसमें 3 बच्चे और 2 महिलाएं भी शामिल हैं। इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने नागरिकों की मौत पर अपनी बात रखी है लेकिन साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि हिजबुल्लाह ने जानबूझकर इन लोगों को एक सैन्य परिसर के भीतर रखा था और वह आम नागरिकों ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी ओर, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है और इसे अमेरिका समर्थित शांति वार्ताओं से ठीक पहले भड़काऊ कदम करार दिया है।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अमेरिका की भूमिका

इस भीषण सैन्य escalation के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका इस पूरे मामले में इसराइल से नागरिकों की मौत को लेकर स्पष्टीकरण मांग रहा है। बेरूत और तेल अवीव के बीच चल रहा फ्रेमवर्क समझौता इस समय भारी दबाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और अन्य देश स्थिति को संभालने की कोशिश में लगे हैं ताकि यह संघर्ष और ज्यादा बड़े इलाके को अपनी चपेट में न ले सके।

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