लेबनान में सीजफायर के बाद भी इसराइल की बमबारी जारी, हमलों में अब तक हजारों लोगों की मौत.

Nura Basta22 August 20262 min read58 viewsWorld
लेबनान में सीजफायर के बाद भी इसराइल की बमबारी जारी, हमलों में अब तक हजारों लोगों की मौत.

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइली सेना की तरफ से लगातार हमले जारी हैं। युद्धविराम समझौते के बावजूद इसराइली सैन्य अभियानों में आर्टिलरी शेलिंग, एयरस्ट्राइक और इमारतों को गिराने का काम रुक नहीं रहा है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी और अल जजीरा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार 21 अगस्त 2026 और शनिवार 22 अगस्त 2026 को भी ये हमले लगातार होते रहे। इस संघर्ष की वजह से आम नागरिकों का जीवन बहुत ज्यादा मुश्किल हो गया है और लोग डरे हुए माहौल में जीने को मजबूर हैं।

कहाँ-कहाँ हुए ताज़ा हमले

शुक्रवार को इसराइली सेना ने कई इलाकों में व्यापक स्तर पर हवाई और जमीनी हमले किए। जिन जगहों को निशाना बनाया गया उनमें मंसूरी, अल-मंसूरी, तल अल-दबशा और दोहा काफ्र रुम्मान के बीच का इलाका, नबातियेह अल-फावका के उत्तरी बाहरी इलाके और अली अल-ताहेर हाइट्स शामिल हैं। इसके अलावा मयफादौन, हौला, मारजायून जिले के कुछ हिस्से, कब्रिखा, तुलिन, सलूकी और हुजेइर घाटियां, माजदाल जौउन, टायर और अल-वज्झानी के बाहरी इलाकों में भी भारी गोलाबारी की गई। बिन्त जबील जिले के हदाता और अल-तैरी में इमारतों को गिराया गया, जबकि अरनौउन और काफ्र तिबनिट के बीच बहुत बड़े धमाके सुने गए। ब्रासहीत, बीट याहौन, मरकबा और माजदाल जौउन में भी विस्फोटों की सूचना मिली और टायर के ऊपर फर्जी एयर रेड यानी मॉक ड्रिल जैसी गतिविधियां देखी गईं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े और नुकसान

लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, नए दौर के संघर्ष के शुरू होने यानी 2 मार्च 2026 से लेकर अब तक इसराइली हमलों में कुल 4,348 लोगों की जान जा चुकी है और 12,307 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा बुधवार को नबातियेह में इसराइली सेना से जुड़े विस्फोटक उपकरणों की चपेट में आने से दो और लोगों की मौत हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे। यूनिफिल के ऑब्जर्वर ने लेबनानी क्षेत्र पर इसराइली झंडे लगाए जाने की बात नोट की है, जबकि इसराइल लिटानी नदी तक अपने सुरक्षा क्षेत्र को बढ़ाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। एक इसराइली सैन्य प्रवक्ता ने हिजबुल्लाह द्वारा इंसानी ढाल के इस्तेमाल का हवाला देते हुए इन तीव्र अभियानों को सही ठहराया है और नागरिकों को नदी के दक्षिण में न जाने की सलाह दी है।

लेबनानी अधिकारियों की प्रतिक्रिया

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन समेत देश के तमाम बड़े अधिकारियों ने इसराइल से तुरंत पीछे हटने और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। उप प्रधानमंत्री तारेक मित्री ने 21 अगस्त को साफ तौर पर कहा कि इसराइल लेबनानी सेना की तैनाती के लिए मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय समर्थन में लगातार बाधाएं पैदा कर रहा है। दूसरी तरफ, इसराइल के पूर्व रक्षा मंत्री मोशे याआलोन ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आधिकारिक जांच से बचने के लिए इस संघर्ष को लंबा खींचने का गंभीर आरोप लगाया है। इस लगातार हिंसा के बीच विश्व बैंक ने साल 2026 के दौरान लेबनानी अर्थव्यवस्था में 6.4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आने की आशंका जताई है।

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