Israel E1 Settlement: इसराइल ने वेस्ट बैंक में नए घरों के निर्माण का किया ऐलान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचा हड़कंप

इसराइल के Ministry of Construction and Housing ने एक नया कदम उठाते हुए Tender No. 186/2026 जारी कर दिया है। इस टेंडर के तहत कब्जे वाले पूर्वी यरूशलम के पूर्व में स्थित E1 area में 1,234 housing units के निर्माण के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं। यह घोषणा इस साल August 18-20, 2026 के आसपास की गई थी, जिसमें व्यापक परियोजना के दक्षिणी हिस्से के सात आवासीय परिसरों को निशाना बनाया गया है। इस पूरी बड़ी योजना में लगभग 12-square-kilometer के क्षेत्र में करीब 3,400 units बनाए जाने हैं, जिसके लिए बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख October 19, 2026 तय की गई है। यह तारीख इसराइल में होने वाले आगामी संसदीय चुनावों से ठीक कुछ दिन पहले की है, जो October 27 को निर्धारित हैं। इस बारे में अधिक जानकारी ReliefWeb report on West Bank illegal E1 settlement tender पर देखी जा सकती है।
E1 विकास योजना और क्षेत्रीय प्रभाव
यह पूरा E1 development plan पहले भी चर्चा में रहा था जब इसे August 2025 में 3,401 units के लिए शुरुआती मंजूरी मिली थी। इस योजना की देश-दुनिया में बहुत आलोचना हुई क्योंकि इसके कारण कब्जे वाले वेस्ट बैंक के दो टुकड़े होने की आशंका है। इससे उत्तर और दक्षिण के बीच का जमीनी संपर्क टूट जाएगा और पूर्वी यरूशलम आसपास की फिलिस्तीनी बस्तियों से पूरी तरह अलग हो जाएगा। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने अपने Colonization and Wall Resistance Commission और Ministry of Foreign Affairs and Expatriates के जरिए इस कदम को बहुत खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है। उनका कहना है कि इस फैसले से फिलिस्तीनी लोगों को अलग-थलग बस्तियों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस बीच, इसराइल के सेटलमेंट वॉचडॉग संगठन Peace Now ने आरोप लगाया कि यह टेंडर राज्य के वादों का उल्लंघन करके पब्लिश किया गया है और इसकी वजह से खान अल-अहमर जैसी बेदूइन बस्तियों को भी वहां से हटाया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध और प्रतिबंधों की चेतावनी
इस फैसले के बाद दुनिया के कई देशों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, कनाडा और नॉर्वे के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी करके इस कदम की कड़ी निंदा की है। ब्रिटेन के विदेश सचिव Ed Miliband ने इस प्रोजेक्ट को दो-राष्ट्र समाधान के भविष्य के लिए अस्वीकार्य और विध्वंसक बताया। विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने इसराइली चार्ज डी अफेयर्स को तलब भी किया। इस संबंध में ब्रिटेन सरकार की ओर से जारी आधिकारिक घोषणा को UK Foreign Secretary statement on E1 settlement project पर पढ़ा जा सकता है। इसके अलावा, ब्रिटेन सरकार अवैध बस्तियों के विस्तार में शामिल लोगों के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों सहित कई कड़े उपायों की तैयारी कर रही है, जिसका जिक्र Joint statement from leaders on E1 West Bank settlement plan में किया गया है।
इसराइली मंत्रियों की प्रतिक्रिया और मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी
दूसरी तरफ, इसराइली विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने इन सभी आलोचनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने पूरे इसराइल की भूमि पर यहूदी लोगों के बसने के अधिकार पर जोर दिया। इससे पहले, वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने भी इस प्रोजेक्ट को फिलिस्तीनी राष्ट्र बनने की संभावनाओं को खत्म करने का एक जरिया बताया था। इस बीच, मानवाधिकार संगठन Human Rights Watch ने चेतावनी दी है कि जो भी कंपनियां इस टेंडर की बोली प्रक्रिया में हिस्सा लेंगी, वे युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के हनन में भागीदार बनने का जोखिम उठा रही हैं। इस पूरी स्थिति पर वैश्विक समुदाय की नजर बनी हुई है क्योंकि इससे मध्य पूर्व के हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं।