इसराइल ने गाज़ा को दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, बच्चों की पतंगों को बताया युद्ध का कारण

Nura Basta24 August 20262 min read58 viewsWorld
इसराइल ने गाज़ा को दिया तीन दिन का अल्टीमेटम, बच्चों की पतंगों को बताया युद्ध का कारण

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने रविवार, 24 अगस्त 2026 को गाज़ा पट्टी के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। इसराइली नेतृत्व ने बच्चों द्वारा उड़ाई जाने वाली पतंगों को युद्ध की कार्रवाई करार देते हुए बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई और जबरन विस्थापन की धमकी दी है। इस उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में सेना प्रमुख Eyal Zamir और अन्य शीर्ष सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सीमा पर पतंग, गुब्बारे और ड्रोन उड़ाए जाने की घटनाओं पर अब कड़ा रुख अपनाया जाएगा और इसके जवाब में लक्षित हमले तथा नागरिकों को वहां से हटाया जाएगा।

रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि गुब्बारा पतंग के समान है और पतंग एक ड्रोन की तरह है, चाहे उसमें विस्फोटक सामग्री हो या नहीं हो। इसराइली प्रशासन ने हमास को तीन दिन का समय दिया है और मांग की है कि इन गतिविधियों को तुरंत रोका जाए, अन्यथा बड़े पैमाने पर हवाई हमले का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, इसराइली सेना ने खुद यह माना है कि नाहल ओज़ बस्ती के पास हाल ही में मिली चार पतंगों में किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री नहीं थी और उनसे जनता को कोई खतरा नहीं था। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 से अब तक लगभग दस पतंगें गाज़ा से इसराइल की सीमा पार कर चुकी हैं, जिनमें से एक को रविवार को बीच में ही रोक लिया गया।

हमास का पलटवार और स्थानीय प्रतिक्रिया

इसराइली चेतावनियों के जवाब में हमास ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया और इसे सैन्य आक्रामकता का बहाना बताया। हमास के प्रवक्ता Hazem Qassem ने इन पतंगों को विस्थापन शिविरों में पलने वाले बच्चों के खिलौने करार दिया। इसके साथ ही, हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य Bassem Naim ने बताया कि मलबे के बीच सामान्य जीवन की तलाश कर रहे बच्चे ही इन पतंगों को उड़ा रहे हैं। हमास के नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इसराइल पर दबाव बनाएं ताकि वह अपनी इन सैन्य कार्रवाइयों को रोक सके।

दूसरी ओर, इन घटनाओं के बीच इसराइली सेना ने गाज़ा के विभिन्न इलाकों में लगातार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में एक रिहायशी घर, विस्थापितों के रहने के लिए बनाए गए तंबू, एक कमर्शियल बिल्डिंग और एक स्कूल को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल शरणार्थी शिविर के रूप में हो रहा था। इन सैन्य ऑपरेशनों में बच्चों समेत कई लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इस बीच, इसराइल की तरफ गाज़ा सीमा से सटे स्थानीय परिषदों के नेताओं ने भी सरकार से मांग की है कि पतंग उड़ाने की इन घटनाओं के खिलाफ सख्त से सख्त सैन्य कदम उठाए जाएं ताकि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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