Israel Lebanon War: दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के हमले से 3 इजराइली सैनिक घायल, जवाबी कार्रवाई में 11 की मौत

लेबनान और इजराइल के बीच एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे वहां के हालात काफी खराब हो चुके हैं। दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हुए एक हमले में इजराइल के 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से यह जानकारी दी गई है कि यह हमला हिजबुल्लाह की तरफ से किया गया था। इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच फिर से संघर्ष तेज हो गया है और आम लोगों की मुश्किलें भी काफी बढ़ गई हैं।
इजराइल का बड़ा पलटवार और लेबनान में मौतें
सैनिकों के घायल होने के बाद इजराइल की सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिससे हालात बहुत ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने साफ कहा है कि हिजबुल्लाह ने संघर्षविराम के नियमों का उल्लंघन किया है और सुबह सैनिकों को निशाना बनाकर यह हमला किया गया था जो कि पूरी तरह गलत है।
रदवान फोर्स के मुख्यालय को बनाया गया निशाना
इजराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने यह बताया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में हिजबुल्लाह की खास रदवान फोर्स के एक मुख्य ठिकाने को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई में संगठन का एक बटालियन कमांडर और कई अन्य लोग मारे गए। आईडीएफ ने यह भी दावा किया कि हमले के वक्त उस कमांडर के परिवार के लोग भी वहीं मौजूद थे। सेना का आरोप है कि उस कमांडर ने अपने परिवार को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल किया था, हालांकि सेना ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनके परिवार के लोग सीधे तौर पर हमले के निशाने पर नहीं थे।
लेबनान के प्रधानमंत्री ने की हमलों को रोकने की मांग
इस पूरी घटना के बाद लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इजराइली हमलों को तुरंत रोकने की कड़ी मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि लेबनान की जमीन पर कोई भी सैन्य ढांचा मौजूद है, तो उससे निपटने की पूरी जिम्मेदारी केवल लेबनान सरकार, उसकी अपनी सेना और देश की वैध संस्थाओं की है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सैन्य ढांचे के होने का यह मतलब नहीं है कि इजराइल को लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन करने या वहां के आम नागरिकों की जान खतरे में डालने का कोई अधिकार मिल जाता है।