Israel Lebanon Conflict: दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली सेना का भारी हमला, कई घरों और कृषि क्षेत्रों को पहुंचाया नुकसान.

Sushma Kumari24 August 20262 min read69 viewsWorld
Israel Lebanon Conflict: दक्षिणी लेबनान पर इस्राइली सेना का भारी हमला, कई घरों और कृषि क्षेत्रों को पहुंचाया नुकसान.

लेबनान के दक्षिणी इलाकों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इस्राइली सेना की तरफ से लगातार सैन्य कार्रवाई की जा रही है। 24 अगस्त 2026 को इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जबील जिले में आने वाले ऐनता और हद्दाथा गांवों के बाहरी इलाकों को निशाना बनाते हुए भारी तोपखाने से गोलाबारी की। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना पिछले कुछ दिनों से दक्षिणी लेबनान में चल रही हिंसा और सैन्य अभियानों का ही एक हिस्सा है। इस गोलाबारी और हमलों की वजह से आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है और स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल बना हुआ है।

लेबनान में लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई और नुकसान

इससे पहले 23 अगस्त 2026 को दाबहत कफर रेम्मान इलाके में इस्राइली ड्रोन हमले में मोटरसाइकिल पर जा रहे दो लेबनानी किशोरों की मौत हो गई थी, जिनके शवों को बाद में स्थानीय अधिकारियों ने बरामद किया। नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के अनुसार इस्राइली बलों ने 24 अगस्त को कई अन्य ऑपरेशंस भी किए, जिसमें सीमावर्ती शहर खियाम में कई घरों को गिराना, हुला में बुलडोजर चलाना और आग लगने की वजह से कृषि क्षेत्रों को पूरी तरह नष्ट करना शामिल है। इसके अलावा 22 और 23 अगस्त को हद्दाथा, बीत याहून और ऐता अल-जबाल में भारी गोलाबारी की गई और फॉस्फोरस गोलियों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण रिहायशी इलाकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

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अधिकारियों की चिंता और सैन्य तैनाती

इन लगातार हमलों के बीच एक अज्ञात इस्राइली सुरक्षा अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि लेबनान में एक अतिरिक्त सैन्य बटालियन को जुटाकर तैनात कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ लेबनानी सुरक्षा अधिकारियों ने चिंता जताई है कि ये सभी सैन्य ऑपरेशन किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत हो सकते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य रणनीतिक रिजलाइन और परिवहन मार्गों पर नियंत्रण हासिल करना हो सकता है। ये तमाम घटनाक्रम उस अमेरिकी प्रायोजित फ्रेमवर्क समझौते के बाद सामने आए हैं जिस पर 26 जून को हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य क्रमिक रूप से इस्राइली सैनिकों की वापसी और लेबनानी सेना की तैनाती करना था, लेकिन इसके बावजूद हालिया सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं।

प्रधानमंत्री की निंदा और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम बल संस्था UNIFIL की 17 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में दो सप्ताह की अवधि के दौरान औसतन प्रतिदिन 137 प्रोजेक्टाइल या मिसाइलें दागी गईं। इस लगातार बढ़ते तनाव की कड़ी निंदा करते हुए लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने स्पष्ट रूप से कहा कि आम नागरिकों को किसी भी स्थिति में वैध सैन्य लक्ष्य नहीं बनाया जाना चाहिए। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी के लिए आप QNA News पर जा सकते हैं। इस लगातार बिगड़ती स्थिति ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है और हर कोई शांति बहाली की उम्मीद कर रहा है।

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