इजराइल ने सीरिया पर हमले से पहले अमेरिका को दी थी खुफिया जानकारी, अधिकारियों ने किया बड़ा खुलासा

वाशिंगटन, 18 अगस्त के दिन एक बड़ी जानकारी सामने आई है जिसमें यह पता चला है कि इजराइल ने उत्तर-पश्चिमी सीरिया के एक एयरबेस पर हवाई हमला करने से पहले अमेरिका को इसकी पूरी जानकारी दे दी थी। एक वरिष्ठ इजराइली अधिकारी के मुताबिक इस हमले से जुड़ी बेहद संवेदनशील खुफिया जानकारी अमेरिकी अधिकारियों के साथ खास तौर पर साझा की गई थी ताकि दोनों देश इस मामले पर पूरी तरह से जानकारी साझा कर सकें। इस पूरी घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर से गहमागहमी का माहौल देखने को मिल रहा है और अधिकारी इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई थी गुप्त चर्चा
अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यह महत्वपूर्ण जानकारी दोनों देशों की विभिन्न एजेंसियों और संस्थानों के सबसे वरिष्ठ स्तर पर साझा की गई थी। हालांकि उन्होंने इस हमले से जुड़ी अन्य जानकारियां देने से पूरी तरह इनकार कर दिया क्योंकि उनका मानना है कि यह खुफिया जानकारी बेहद गोपनीय श्रेणी में आती है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। यह बात साफ हो गई है कि इस बड़े कदम से पहले अमेरिका को भरोसे में लिया गया था ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर किसी तरह की गलतफहमी ना पैदा हो सके।
अबू दुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर हुआ हमला
मिली जानकारी के मुताबिक इजराइल ने अबू दुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर ये हवाई हमले किए थे। सीरिया ने इन सभी हमलों के लिए सीधे तौर पर इजराइल को ही जिम्मेदार ठहराया है। इस बीच सीरिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत टॉम बैरक ने भी इन हमलों को पुष्ट इजराइली हवाई हमले करार दिया है और सार्वजनिक रूप से इनकी कड़ी निंदा की है। इस तरह के बयानों से यह साफ जाहिर होता है कि मध्य पूर्व के हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और हर एक गतिविधि पर दुनिया भर के देशों की पैनी नजर टिकी हुई है।
सीरियाई नेतृत्व को लेकर इजराइल की दो टूक
घटना के संदर्भ में बात करते हुए इजराइली अधिकारी ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को लेकर एक बड़ी बात कही। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें यह बात अच्छी तरह समझनी होगी कि वह पिछली सीरियाई सरकार की तरह किसी भी तरह की प्रॉक्सी ताकतों के सहारे कामकाज नहीं चला सकते हैं। अधिकारी ने यह भी संभावना जताई कि शायद उन्हें इस हमले की पूरी स्थिति और गंभीरता की शुरुआती तौर पर पूरी जानकारी नहीं रही होगी, जिसके चलते यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।
इसके अलावा इजराइल लंबे समय से सीरिया के भीतर तुर्किए के लगातार बढ़ते सैन्य और राजनीतिक प्रभाव को लेकर काफी चिंतित रहा है। इसी अहम वजह के चलते इजराइल सीरिया में तुर्किए की मौजूदगी और नई सीरियाई सरकार की तरफ से अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की तमाम कोशिशों पर बहुत बारीकी से नजर रख रहा है। इस पूरी रिपोर्ट की पुष्टि हिन्दुस्थान समाचार के पत्रकार आकाश कुमार राय द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की गई है।