West Bank में इस्राइल का बड़ा ऐलान, बस्तियों के विस्तार को बताया क्रांति, खत्म होगा फलस्तीन देश का रास्ता.

इस्राइल के वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियों के चल रहे विस्तार को एक बड़ी 'क्रांति' करार दिया है। उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब इस इलाके में बस्तियों को बसाने का काम बहुत तेजी से चल रहा है, जिससे फलस्तीन देश बनने की उम्मीदों को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके। वित्त मंत्री के पास इस इलाके के प्रशासनिक कामों पर काफी अधिकार हैं, और उन्होंने इस नीति के तहत इस्राइली बस्तियों को मुख्य प्रशासनिक फैसलों में शामिल कर लिया है। सरकार की तरफ से इन बस्तियों को बढ़ाने के लिए लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
बजट और नई बस्तियों का ऐलान
जुलाई 2026 में इस्राइल सरकार ने लगभग $434 million का भारी-भरकम बजट मंजूर किया था, जिसके जरिए 34 नई बस्तियों को बसाने का प्लान है। इसके अलावा मंत्री Smotrich ने वेस्ट बैंक के भीतर 70 से ज्यादा ऐतिहासिक स्थलों पर कब्जा जमाने के लिए $37 million की राशि अलग से तय की। हालात तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए जब इस्राइल सरकार ने 18 अगस्त 2026 को E1 क्षेत्र में 1,200 से अधिक घरों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए। आलोचकों का मानना है कि इस कदम से यह पूरा क्षेत्र पूरी तरह से छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाएगा और वेस्ट बैंक के उत्तरी तथा दक्षिणी हिस्से आपस में नहीं जुड़ पाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध और देशों के बयान
इस पूरी योजना को लेकर दुनिया भर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने चेतावनी दी है कि E1 प्रोजेक्ट दो-राष्ट्र समाधान (two-state solution) के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को फ्रांस, इटली, ब्रिटेन और जर्मनी ने एक साझा बयान जारी करके इस्राइली प्रशासन से इन विस्तार योजनाओं को तुरंत रोकने और E1 टेंडर वापस लेने की मांग की। इस विरोध में 25 अगस्त को माल्टा और डेनमार्क भी शामिल हो गए। इन सभी देशों ने मिलकर कारोबारियों को साफ चेतावनी दी है कि इनवेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स से जुड़ने पर उन्हें कानूनी और प्रतिष्ठा से जुड़े बड़े जोखिम उठाने पड़ सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी यूके सरकार की आधिकारिक विज्ञप्ति में देखी जा सकती है।
सिंगापुर की प्रतिक्रिया और जमीनी हालात
सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने भी 24 अगस्त 2026 को यह दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से इस्राइल की बस्तियां पूरी तरह से अवैध हैं। मंत्रालय ने फलस्तीनी नागरिकों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की। इस बारे में अधिक जानकारी सिंगापुर एमएफए की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इन चिंताओं की मुख्य वजह कैथोलिक नियर ईस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की वे रिपोर्ट्स हैं जिनमें अगस्त के शुरुआती दिनों में परिवारों को डराने-धमकाने की घटनाओं का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1967 के बाद से वहां के हालात इस समय सबसे ज्यादा खराब दौर से गुजर रहे हैं। इन तमाम ताजा हालातों की जानकारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दी जानी है, जिसके लिए डिप्टी स्पेशल कोऑर्डिनेटर Ramiz Alakbarov आगामी 26 अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट पेश करने वाले हैं। इस बैठक के बारे में विस्तृत विवरण रिलीफवेब की रिपोर्ट में पढ़ा जा सकता है।