इसराइल और तुर्की के बीच तनाव पर आया बड़ा बयान, विदेश मंत्री गिदोन सा’र ने कही ये बात.

हाल ही में सीरिया में हुए इसराइली सैन्य हमले के बाद इसराइल और तुर्की के रिश्ते काफी चर्चा में आ गए हैं। इस मामले पर अब इसराइल की सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान सामने आया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि देश का तुर्की के साथ किसी भी तरह से तनाव को बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। इस पूरी स्थिति को सामान्य रखने के लिए कूटनीतिक रास्तों पर जोर दिया जा रहा है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।
विदेश मंत्री का आधिकारिक बयान
इसराइल के विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने 22 अगस्त 2026 को चैनल 12 के कार्यक्रम "Meet the Press" में बात करते हुए कहा कि उनका देश मौजूदा हालात को बनाए रखना चाहता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इसराइल सीरिया में तुर्की के सैन्य अड्डों की स्थापना को बिल्कुल स्वीकार नहीं करेगा, लेकिन सरकार किसी भी सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देती है। उन्होंने इस स्थिति की तुलना अतीत में लेबनान और गाजा में ईरान की दखलअंदाजी से करते हुए कहा कि वे इस क्षेत्र में वैसी ही अस्थिरता से बचना चाहते हैं।
अमेरिका और इसराइल के बीच राजनयिक खींचतान
इस कूटनीतिक तनाव के बीच इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने तुर्की में अमेरिका के राजदूत Tom Barrack की तीखी आलोचना की है। अमेरिकी राजदूत ने पहले इसराइली हमले को एक अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया था। रक्षा मंत्री Katz ने राजदूत के इन बयों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया और कहा कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के गोलान हाइट्स से जुड़े रुख के खिलाफ हैं। Katz का कहना था कि इस अभियान से पहले इसराइल ने तुर्की के खतरे से जुड़ा खुफिया डेटा अमेरिका के अधिकृत अधिकारियों के साथ साझा किया था और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
तुर्की और सीरिया की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राजदूत Tom Barrack ने दावा किया था कि अमेरिका ने इसराइली खुफिया दावों की जांच की थी जो सही नहीं पाए गए और इस हमले की कोई पूर्व सूचना तुर्की या अमेरिका को नहीं दी गई थी। इससे पहले 20 अगस्त 2026 को इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने कहा था कि देश तुर्की के सैन्य विस्तार को बर्दाश्त नहीं करेगा। अमरीका में इसराइली दूत Yechiel Leiter ने भी इसे एक लाल रेखा पार करने जैसा बताया। दूसरी तरफ सीरिया के विदेश मंत्री ने अबू अल-धुहुर एयरबेस पर तुर्की के अधिकारियों की मौजूदगी की पुष्टि की और इसराइली हमले को सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया। इसके अलावा 22 अगस्त 2026 को सीरिया में एक नागरिक वाहन पर हुए इसराइली ड्रोन हमले में कई लोग घायल हो गए, जिसकी सीरियाई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताकर कड़ी निंदा की है।