इसराइल का बड़ा ऐलान, दक्षिणी लेबनान में हमलों के बाद अब पूरी ताकत से होगा पलटवार.

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हुए घातक हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और इस बीच इसराइल की तरफ से सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने उन सभी लोगों के खिलाफ पूरी ताकत से हमले करने की कसम खाई है जो इसराइली नागरिकों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब लेबनान के इन इलाकों में लगातार झड़पें चल रही हैं और आम लोगों के साथ-साथ सैन्य ठिकाने भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
हमलों में हुई कई लोगों की मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसराइली सेना ने गत 15 अगस्त को दक्षिणी लेबनान के Ansar और Deir al-Zahrani गांवों में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए थे। इन हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी। इसराइली सेना का दावा था कि ये कार्रवाई हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे और उसके वरिष्ठ कमांडरों को निशाना बनाने के लिए की गई थी, जिनमें Ali Samir Al-Haj Hassan और Abu Hassan Alaa के नाम भी शामिल हैं। इसराइल ने साफ कहा कि ये उनके सटीक सैन्य ऑपरेशन थे, लेकिन लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इन मौतों को सैन्य लक्ष्य बताए जाने वाले दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
सीजफायर का उल्लंघन और ड्रोन हमला
क्षेत्रीय तनाव में उस वक्त और ज्यादा तेजी आ गई जब 16 अगस्त को Ali al-Taher Ridge के पास एक विस्फोटक ड्रोन हमले में इसराइल के 3 सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। इसराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस घटना को मौजूदा संघर्षविराम समझौते का सीधा उल्लंघन करार दिया है। इन तमाम घटनाओं के बाद रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि इसराइल निर्धारित सुरक्षा क्षेत्रों में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगा। हालांकि, इस रुख को अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ा है क्योंकि इसे जून महीने में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए फ्रेमवर्क समझौते के असंगत बताया जा रहा है।
अनिश्चितता के दौर में शांति प्रक्रिया
इसराइल की तरफ से यह बयान सामने आया है कि किसी भी नुकसान का हिसाब अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा, जिसके जवाब में हिजबुल्लाह ने भी अपनी तरफ से उचित प्रतिक्रिया देने का संकल्प लिया है। इस तरह की तीखी बयानबाजी और लगातार हमलों की वजह से वहां चल रही नाजुक शांति प्रक्रिया के भविष्य पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। आम लोग इस बढ़ते तनाव के कारण काफी डरे हुए हैं और आने वाले दिनों में हालात के और ज्यादा बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।