Israel और Turkey के बीच बढ़ा तनाव, सीरियाई एयरबेस पर हमले के बाद इस्रायल ने दी कड़ी चेतावनी

Nura Basta20 August 20262 min read87 viewsWorld
Israel और Turkey के बीच बढ़ा तनाव, सीरियाई एयरबेस पर हमले के बाद इस्रायल ने दी कड़ी चेतावनी

मध्य पूर्व में हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं और हाल ही में सीरिया के एक एयरबेस पर हुए हमले के बाद इस्रायल और तुर्की आमने-सामने आ गए हैं। इस्राइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan को सीरिया के मामलों में दखलंदाजी न करने की सख्त चेतावनी दी है। इस्रायली मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए एर्दोगन पर तुर्की को खतरनाक साहसिक गतिविधियों में धकेलने का गंभीर आरोप लगाया है।

इस्रायली एयरस्ट्राइक और सीरियाई एयरबेस का विवाद

यह पूरा विवाद मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को सीरिया में स्थित Abu al-Duhur एयरबेस पर किए गए इस्रायली हवाई हमले के बाद भड़का है। इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सीरिया एक सुरक्षा समझौते का उल्लंघन करने के बेहद करीब था। उनका आरोप था कि सीरियाई प्रशासन इस सैन्य ठिकाने पर तुर्की के सैनिकों को तैनात करने की अनुमति दे रहा था। नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संभावित तैनाती को लेकर सीरियाई पक्ष को पहले भी कई बार आगाह किया गया था।

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तुर्की और सीरिया की सरकारों का आधिकारिक रुख

इस्रायली दावों को सीरिया और तुर्की दोनों ही देशों ने सिरे से खारिज कर दिया है। सीरिया के विदेश मंत्री Asaad al-Shaibani ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि जिस एयरबेस को निशाना बनाया गया, वहां केवल सीरियाई वायुसेना के इस्तेमाल के लिए मरम्मत का काम चल रहा था और वहां किसी भी तुर्की सैन्य टुकड़ी की तैनाती की कोई योजना नहीं थी। वहीं, तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने इस्राइल के इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि इस्राइल क्षेत्र की मौजूदा अस्थिरता का फायदा उठाकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहा है और इलाके में तनाव बढ़ाना चाहता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और अमेरिकी मध्यस्थता

इस ताजा सैन्य टकराव के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता की लहर दौड़ गई है। सीरिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत Tom Barrack ने इस कार्रवाई को एक अनावश्यक उकसावा करार दिया है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए जल्द से जल्द एक डी-कॉन्फ्लिक्टिंग मेकैनिज्म यानी संघर्ष टालने की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। इसके अलावा, इस्राइल के भीतर भी इस कदम की आलोचना हो रही है। विपक्षी नेता Yair Golan ने इस हमले को खतरनाक और उकसावे वाला बताया, जिससे अमेरिका जैसे सहयोगियों के साथ संबंध खराब होने का खतरा है और तुर्की के साथ सीधा टकराव भी हो सकता है। फिलहाल अमेरिका तीनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर गलतफहमियों को दूर करने और किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकने के लिए एक त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

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