Lebanon Airstrike Update: इसराइल के हमलों से दहला दक्षिण लेबनान, 11 लोगों की मौत और 19 घायल.

दक्षिण लेबनान के Nabatieh जिले में इसराइली हवाई हमलों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कुल 11 लोगों की जान चली गई है और 19 लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। इस अचानक हुए हमले के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया है और आम लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों की तरफ भाग रहे हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि शनिवार सुबह हुए इन हमलों ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है और लोग दहशत में हैं।
अंसार और देइर एज़-ज़हराणि गांवों पर गिराए गए बम
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, Ansar गांव में हुए इसराइली हमले में कुल 7 लोगों की मौत हो गई, जिसमें 3 छोटे बच्चे और 2 महिलाएं भी शामिल थीं। इसके अलावा, एक दूसरा हमला Deir ez-Zahrani गांव में हुआ, जिसमें 4 लोगों की जान चली गई और 17 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हमलों के बाद स्थानीय परिवारों ने बड़े पैमाने पर पलायन शुरू कर दिया है, जिससे सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और भारी ट्रैफिक जाम देखने को मिला।
इसराइली सेना का पक्ष और लेबनानी नेताओं का कड़ा विरोध
इसराइली सेना IDF ने कहा है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के एक ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें उनके 3 सैनिक बुरी तरह घायल हो गए थे। सेना ने दावा किया कि उन्होंने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया और उनके कमांडर Ali Samir Al-Haj को मार गिराया है। हालांकि, नागरिकों की मौत पर इसराइल को चारों तरफ से तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इसराइल का आरोप है कि मारे गए लोग एक सैन्य परिसर के अंदर रह रहे थे, जिसे लेबनानी अधिकारियों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इस सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का एक खतरनाक उल्लंघन बताया है। वहीं, राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह अमेरिका की मदद से चल रही शांति वार्ताओं को बिगाड़ने की एक सोची-समझी कोशिश है।
शांति वार्ता पर मंडराया खतरा और हिजबुल्लाह की चेतावनी
हिजबुल्लाह ने इन हमलों का माकूल जवाब देने की कसम खाई है, जिससे पिछले साल जून में हुए युद्धविराम को बनाए रखने की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। रोम में शांति वार्ता का 8वां दौर होने वाला है, लेकिन ताजा हिंसा ने भविष्य में होने वाली कूटनीतिक बैठकों पर सवालिया निशान लगा दिया है। लेबनान के नेता और संसद के स्पीकर Nabiah Berri सहित अन्य अधिकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों से अपील की है कि वे तुरंत दखل दें क्योंकि दक्षिण लेबनान के हालात बहुत ज्यादा बिगड़ चुके हैं।