West Bank Raid: इसरायली सेना ने की बड़ी हरकत, वेस्ट बैंक में फौजी कार्रवाई के दौरान फलस्तीनी कैदियों के माथे पर लिखे नंबर.

Praggya Singh sabal19 August 20262 min read102 viewsWorld
West Bank Raid: इसरायली सेना ने की बड़ी हरकत, वेस्ट बैंक में फौजी कार्रवाई के दौरान फलस्तीनी कैदियों के माथे पर लिखे नंबर.

वेस्ट बैंक के कब्जे वाले इलाके में इसरायली सेना की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान बहुत ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इसरायली सेना ने खुद इस बात को मान लिया है कि उनके सैनिकों ने एक मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान पकड़े गए फलस्तीनी नागरिकों के माथे पर नंबर लिख दिए थे। यह घटना सोमवार, 17 अगस्त 2026 की है जब जेनिन के दक्षिण में स्थित कबतिया शहर में एक बड़ा अभियान चलाया गया था। इस फौजी कार्रवाई में लगभग 100 इमारतों को निशाना बनाया गया और दर्जनों फलस्तीनी लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।

ऑपरेशन के दौरान हुई सख्ती और हिरासत

इस बड़े सैन्य अभियान के दौरान इसरायली सुरक्षा बलों ने हमला करने की योजना बनाने वाले दो संदिग्ध लोगों को भी गिरफ्तार किया। हिरासत में लिए गए लोगों में अहमद हतनवावी भी शामिल थे, जिनकी एक तस्वीर सामने आई जिसमें उनके माथे पर अंग्रेजी का नंबर '44' लिखा हुआ साफ दिखाई दे रहा था। रिपोर्ट्स के अनुसार अहमद हतनवावी और अन्य पकड़े गए लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया। इस तरह के बर्ताव को आम लोगों और मानवाधिकार संगठनों ने बेहद अपमानजनक और इंसानियत के खिलाफ बताया है। फलस्तीनी सांसद अहमद तिबी ने इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए इसे बेहद चौंकाने वाला और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह तरीका पुराने और डरावने दौर की याद दिलाता है जो इंसानी अधिकारों के खिलाफ है।

इसरायली सेना का आधिकारिक बयान

इस मामले पर तूल पकड़ने के बाद इसरायली सेना यानी IDF ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को मीडिया संस्थानों को अपना आधिकारिक बयान जारी किया। सेना ने माना कि सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन के दौरान पूछताछ के लिए रोके गए संदिग्धों पर पहचान के लिए निशान लगाए थे। आईडीएफ ने यह भी कहा कि इस तरह के काम की गंभीरता को सेना के बड़े अधिकारियों ने सैनिकों को समझा दिया है और इस घटना से जरूरी सबक सीखे गए हैं। इससे पहले अप्रैल 2026 में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था जब इसरायली सेना ने फलस्तीनी महिलाओं के हाथों पर नंबर लिखने की घटना को सैनिकों की खराब सूझबूझ करार दिया था। दुनिया भर के मानवाधिकार पर्यवेक्षक इस इलाके में लगातार बढ़ रहे तनाव और सैन्य गतिविधियों के बीच इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

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