Gaza City में इसराइल का ड्रोन हमला, कैफे पर गिरी मिसाइल, एक बच्चे समेत पांच लोगों की मौत.

गाजा सिटी के समुद्री तट पर बने एक भीड़भाड़ वाले कैफे पर इसराइल के ड्रोन ने हमला कर दिया। इस बड़ी घटना में एक बच्चे समेत कम से कम पाँच से छह लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह हमला 18 अगस्त 2026 को हुआ, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।
कैफे पर गिरे दो मिसाइल
जिस कैफे पर हमला हुआ उसे लोग 'स्वीट एंड बिटर' या 'हेलवा एंड मोरा' के नाम से जानते हैं। इस लोकप्रिय कैफे पर कम से कम दो मिसाइल दागी गईं, जिसके बाद धमाका इतना तेज था कि कई पीड़ित सीधे बंदरगाह के बेसिन में जा गिरे। हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया, जहाँ से सभी घायलों और पीड़ितों को तुरंत आपातकालीन इलाज के लिए गाजा सिटी के अल-शिफा अस्पताल में पहुंचाया गया। डॉक्टर घायलों की जान बचाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।
इसराइल सेना का बयान
इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसराइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने इसे एक सटीक हवाई हमला बताया है। इसराइल का कहना है कि यह कार्रवाई हमास के बड़े नेताओं को निशाना बनाने के लिए की गई थी। इसराइली आर्मी रेडियो के हवाले से सुरक्षा सूत्रों ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य हमास के चार कमांडरों को खत्म करना था। इनमें एक कंपनी कमांडर और तीन प्लाटून कमांडर शामिल बताए जा रहे हैं, जिन पर अल-शाति इलाके में इसराइली सैनिकों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने का आरोप था। हालांकि, हमास की तरफ से अभी तक इन लोगों की स्थिति को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
शांति समझौतों और कूटनीति पर असर
यह खतरनाक हमला ऐसे समय में हुआ है जब अक्टूबर 2025 से लागू युद्धविराम समझौते को बनाए रखने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना से ठीक पहले इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेड कुशनर के बीच एक अहम बैठक हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका समर्थित 15-सूत्रीय रोडमैप को मानने से साफ इंकार कर दिया है। उनका कहना है कि इसराइल की तरफ से किसी भी तरह की सेना की वापसी से पहले हमास का पूरी तरह से हथियार डालना यानी निरस्त्रीकरण होना बहुत जरूरी है। दूसरी तरफ, हमास अपनी इस बात पर अड़ा हुआ है कि जब तक स्थायी युद्धविराम, इसराइल की पूरी तरह से वापसी और गाजा की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव नहीं होता, तब तक किसी भी समझौते पर बात आगे नहीं बढ़ेगी।