Syria में इसराइली ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, कई लोग हुए घायल, सरकार ने की कड़ी निंदा.

Nura Basta22 August 20263 min read62 viewsWorld
Syria में इसराइली ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, कई लोग हुए घायल, सरकार ने की कड़ी निंदा.

दस्य दक्षिण-पश्चिमी सीरिया के पश्चिमी दमिश्क के ग्रामीण इलाके बेत जिन्न शहर में शनिवार, 22 अगस्त 2026 को एक इसराइली ड्रोन हमले में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस अचानक हुए हमले के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल साफ देखा गया। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की और इसे सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का भी साफ तौर पर उल्लंघन है। अपने आधिकारिक बयान में सीरियाई सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखਲ देने की अपील की, ताकि सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की बार-बार हो रही इसराइली घुसपैठ को रोका जा सके।

इसराइली सेना ने क्या कहा

दूसरी तरफ, इस्राइल डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने इस हमले की पुष्टि की है। सेना का कहना है कि उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाया था जिसे वे आतंकवादी मानते थे और जो इसराइली बलों पर हमला करने की अंतिम तैयारी कर रहा था। इसराइली सेना का दावा है कि वह व्यक्ति उनके लिए एक बड़ा और तुरंत खतरा बना हुआ था, इसलिए यह कार्रवाई करनी पड़ी। इस घटना से कुछ दिन पहले ही 18 अगस्त 2026 को इदलिब प्रांत के अबू अल-धुहुर एयरबेस पर भी एक विवादित हवाई हमला हुआ था, जिससे वहां भारी सामान और संपत्ति का नुकसान हुआ था। उस पुरानी घटना पर सीरिया के लिए अमेरिकी दूत टॉम बराक ने तीखी आपत्ति जताई थी और उसे एक अनावश्यक तनाव बताया था जो क्षेत्रीय स्थिरता को आगे नहीं बढ़ाता है। अमेरिकी दूत ने यह भी सुझाव दिया था कि शायद वह हमला तुर्की को भड़काने के इरादे से किया गया था। हालांकि इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज ने अमेरिकी दूत के इस आकलन को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनकी बातें गलतियों से भरी हुई हैं। वहीं इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 18 अगस्त के उस सैन्य अभियान का बचाव करते हुए दावा किया कि क्षेत्र में तुर्की को अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने से रोकने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था, क्योंकि इस्राइल इस बात को कभी सहन नहीं करेगा।

क्षेत्रीय राजनीति और समझौते की कोशिशें

यह ताजा सैन्य तनाव ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्रीय समीकरण बेहद उलझे हुए हैं। सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शाराअ लगातार स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने पिछले महीने यानी 26 जुलाई 2026 को इस्राइल के साथ एक सुरक्षा समझौते की दिशा में अच्छी खासी प्रगति होने की बात कही थी। आम लोग और ग्रामीण इलाकों के वासी इन बढ़ते हमलों से काफी परेशान हैं क्योंकि इससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर बुरा असर पड़ रहा है। इस तरह के संघर्षों से आम नागरिकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है और सुरक्षा को लेकर हर कोई डरा हुआ रहता है। सीरियाई प्रशासन लगातार कूटनीतिक स्तर पर इन मुद्दों को उठाने का प्रयास कर रहा है ताकि देश के भीतर शांति और स्थिरता बहाल की जा सके और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।

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