दक्षिणी लेबनान में इजराइली झंडे लगाना यूएन प्रस्ताव का गंभीर उल्लंघन, यूनिफिल ने जताई कड़ी आपत्ति

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में तनाव एक बार फिर से काफी बढ़ गया है जब मुख्य तटीय सड़क पर अचानक इजराइली झंडे लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरी घटना को संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन यानी यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स इन लेबनान जिसे आमतौर पर यूनिफिल कहा जाता है, ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का सीधा उल्लंघन करार दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी पक्षों को इस तरह की उकसावे वाली हरकतों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और आम लोगों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
हिजबुल्लाह संघर्ष के बाद बना था नया सुरक्षा क्षेत्र
इस साल की शुरुआत में जब इजराइली सेना और हिजबुल्लाह के बीच भयंकर संघर्ष चल रहा था, तब इजराइली सैनिकों ने दक्षिणी लेबनान के एक बहुत बड़े हिस्से में अपने कदम रख दिए थे। इसके बाद वहां एक कथित सुरक्षा क्षेत्र तैयार किया गया था। इस क्षेत्र को बनाने के पीछे इजराइल का मुख्य तर्क यह था कि ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के लगातार हमलों से उत्तरी इजराइल की सीमा और वहां रहने वाले नागरिकों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन इस सैन्य मौजूदगी के कारण स्थानीय स्तर पर हालात हमेशा तनावपूर्ण बने रहे हैं और आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ झंडों का वीडियो
रविवार के दिन इजराइली चैनल 12 के एक जाने-माने पत्रकार अमित सेगल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता था कि दक्षिणी लेबनान की मशहूर नाकूरा-टायर तटीय सड़क के किनारे कई जगहों पर इजराइली झंडे लगाए गए हैं। यह खास सड़क लेबनान के दक्षिणी इलाके के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों में से एक मानी जाती है। हैरानी की बात यह है कि इसी रास्ते का इस्तेमाल संयुक्त राष्ट्र की अंतरिम शांति सेना यानी यूनिफिल के जवान भी अपनी रोजाना की गश्त और आवाजाही के लिए करते हैं।
सामने आए इस वीडियो को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि इसे किसी चलते हुए सैन्य वाहन के अंदर से रिकॉर्ड किया गया था। सड़क के किनारे इस तरह से झंडे लहराते हुए देखना स्थानीय लोगों और शांति सेना के लिए भी चौंकाने वाला था। यूनिफिल के अधिकारियों ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे संयम का परिचय दें। संगठन का साफ कहना है कि इस तरह की गतिविधियां लेबनान और इजराइल के बॉर्डर पर पहले से सुलग रहे तनाव को और ज्यादा भड़का सकती हैं। दक्षिणी लेबनान के इस संवेदनशील इलाके में इजराइली सेना की मौजूदगी और हिजबुल्लाह के बीच तनातनी के माहौल के बीच यह नया वाकया क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है।