Gaza City News: इसराइल सेना ने गाजा सिटी के शेख रादवान इलाके के लिए जारी किया जबरन खाली करने का आदेश.

गाजा पट्टी में हालात दिन-प्रतिदिन बहुत ज्यादा खराब होते जा रहे हैं और हाल ही में इसराइली सेना ने वहां के लोगों के लिए एक नया आदेश जारी किया है। 24 अगस्त 2026 को इसराइली डिफेंस फोर्सेस यानी IDF ने गाजा सिटी के Sheikh Radwan जिले को तुरंत खाली करने का सख्त निर्देश दिया है। इस आदेश के दायरे में अल-रादवान मस्जिद और उसके पास बना पानी साफ करने वाला प्लांट भी पूरी तरह से शामिल है। अल जजीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई लगातार बढ़ रहे सैन्य तनाव का ही एक हिस्सा है। इसराइली अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों से लगातार ड्रोन, आग वाले गुब्बारे और पतंगें इसराइल की सीमा के अंदर भेजी जा रही हैं, जिसकी वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है।
गाजा पट्टी में हुई हिंसा और जानमाल का भारी नुकसान
इस आदेश के जारी होने वाले दिन ही गाजा पट्टी के कई अलग-अलग हिस्सों में भयंकर हिंसा देखने को मिली। फिलिस्तीनी मीडिया ने जानकारी दी है कि जवायदा और नुसीरात शरणार्थी शिविर पर हुए इसराइली हवाई हमलों में दो लोगों की जान चली गई, जिसमें चार साल का एक छोटा बच्चा भी शामिल था। इसके अलावा शेख रादवान इलाके में विस्थापित लोगों के तंबू पर इसराइली ड्रोन ने हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक अन्य बड़ी बमबारी में इसराइली युद्धक विमानों ने शेख रादवान और अल-नास्र इलाकों में विस्थापित परिवारों के दो घरों को निशाना बनाया, जिसमें कुल 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा शेख अजलीन इलाके में भी तंबुओं पर हमले और बमबारी की वजह से कई लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है।
अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और नेताओं के बयान
इस पूरे मामले को लेकर इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय ने पहले ही साफ कर दिया था कि सैन्य क्षमताओं को खत्म करने के लिए चुनिंदा इलाकों को खाली करने का आदेश दिया जाएगा। वहीं देश के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा है कि सरकार उन लोगों के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई करेगी जो ड्रोन और आग लगाने वाले उपकरण भेज रहे हैं, और इसके लिए खास इलाकों को खाली करवाना जरूरी है। हालांकि इसराइली सेना हमेशा से नागरिकों को Al-Mawasi मानवीय क्षेत्र में जाने की सलाह देती आई है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय और रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति जैसे बड़े संगठनों ने इस पर गहरी चिंता जताई है। इन अंतरराष्ट्रीय निकायों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों को हटाना मुमकिन नहीं है और गाजा में कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। हाल ही में अमेरिका सरकार ने भी इसराइल से अपील की थी कि सेना के एक्शन से कम से कम 48 घंटे पहले लोगों को निकलने का समय दिया जाए ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।