इसराइल ने तोड़ा सीजफायर, दक्षिणी लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले और गोलाबारी से मची तबाही

Praggya Singh sabal26 August 20262 min read67 viewsWorld
इसराइल ने तोड़ा सीजफायर, दक्षिणी लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले और गोलाबारी से मची तबाही

लेबनान की राजधानी और आसपास के इलाकों में शांति की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि इस्राइली सैन्य बलों ने दक्षिणी लेबनान के मजदाल जौउन शहर पर बुधवार, 26 अगस्त 2026 को नए सिरे से भीषण हवाई हमले किए। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन ताज़ा हमलों से पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है और लोग सुरक्षित जगहों की तलाश में जुटे हैं। पिछले कई दिनों से लगातार हो रही इन घटनाओं ने क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल दिया है, जिससे आम नागरिकों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जून 2026 के सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन

यह हालिया सैन्य कार्रवाई सीधे तौर पर उस अमेरिका समर्थित सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन है जिसे इसी साल जून 2026 में लागू किया गया था। इस कूटनीतिक समझौते के नियमों के अनुसार, इस्राइल को कब्जा किए गए लेबनान के इलाकों से धीरे-धीरे अपनी सेना को वापस बुलाना था, और इसके बदले में लेबनान की सेना को वहां तैनात होना था तथा सभी सशस्त्र समूहों को अपने हथियार डालने थे। लेकिन हालिया हमलों से साफ हो गया है कि इस समझौते का पालन जमीन पर नहीं हो रहा है, जिससे कूटनीतिक स्तर पर तनाव काफी बढ़ गया है और लेबनानी अधिकारियों ने इस पर गहरी चिंता जताई है।

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रिहायशी इलाकों और घरों को बनाया जा रहा है निशाना

सिर्फ हवाई हमले ही नहीं बल्कि इस्राइली सेना द्वारा लगातार तोपखाने से गोले दागे जा रहे हैं और ड्रोन हमलों को भी अंजाम दिया जा रहा है, जिसकी शुरुआत मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को ही हो गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्राइली सेना ने बायट अल-सय्याद शहर में कई रिहायशी मकानों को आग के हवाले कर दिया है, जिससे नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इस अंधाधुंध तबाही की वजह से इलाके में गिने-चुने घर ही ऐसे बचे हैं जो पूरी तरह सुरक्षित हों और अधिकांश मकान मलबे में तब्दील हो चुके हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए आप नेशनल न्यूज एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट पढ़ सकते हैं, जिसमें गोलाबारी और हमलों का पूरा विवरण दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि घरों को निशाना बनाने और लगातार हो रही गोलाबारी से आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है और यह उस अंतरराष्ट्रीय समझौते का सीधा अपमान है जिसे बड़े प्रयासों के बाद तैयार किया गया था। स्थानीय लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ जाने को मजबूर हैं क्योंकि बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी और आवास पूरी तरह से चरमरा गए हैं।

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