लेबनान में इसराइली सेना का हमला तेज, मज्दाल ज़ौन और कोनीन गाँवों पर हुई एयरस्ट्राइक

क्षेत्रीय संघर्ष के बीच दक्षिण लेबनान के गाँवों में इसराइली सैन्य बलों ने अपना आक्रामक रुख जारी रखा है। 22 अगस्त 2026 को इसराइली सेना ने मज्दाल ज़ौन, कोनीन और अल-मंसूरी गाँवों को निशाना बनाते हुए कई हवाई हमले किए। आम लोगों की जिंदगी पर इस बढ़ते तनाव का गहरा असर पड़ रहा है और इलाके में लगातार डर का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही इन गोलाबारी और हमलों के कारण स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजनयिक प्रयास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत
इस खतरनाक स्थिति के बीच कूटनीतिक प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने 22 अगस्त को इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने इटली से आग्रह किया कि वह इस्राइल पर दबाव बनाए ताकि बेरूत और तेल अवीव के बीच अमेरिका के मध्यस्थता वाले फ्रेमवर्क समझौते को लागू किया जा सके। इसके अलावा, चर्चा में 2026 के अंत में समाप्त होने वाले संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल यानी UNIFIL के कार्यकाल को लेकर भी बातचीत की गई ताकि क्षेत्रीय शांति को बनाए रखने के लिए नए कदम उठाए जा सकें।
लेबनानी प्रधानमंत्री का सैन्य बेस का दौरा
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने 22 अगस्त को एक सैन्य बेस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनानी राज्य दक्षिण में अपनी संप्रभुता को फिर से हासिल कर रहा है, क्योंकि सेना क्रमिक रूप से इसराइली सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए निर्धारित पायलट जोन में आगे बढ़ रही है। दूसरी ओर, इस्राइल का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई इस बात को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है ताकि हिजबुल्लाह को अपनी सीमा के पास पैर पसारने से रोका जा सके।
वेस्ट बैंक में हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी
इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने 22 अगस्त को एक गंभीर चेतावनी जारी की। कार्यालय ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इसराइली बलों और बस्तियों द्वारा हिंसा में हो रही भारी वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इसके साथ ही इस्राइल की तरफ से बढ़ाए जा रहे विलय के प्रयासों पर भी चिंता जताई गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।