गाजा में इसराइली सेना की बड़ी कार्रवाई, 'येलो लाइन' पार करने वाले फिलिस्तीनी नागरिक को किया ढेर.

गाजा पट्टी के दक्षिणी इलाके में इसराइली सैन्य बलों ने एक बड़ी घटना को अंजाम दिया है। इसराइली सेना ने 21 अगस्त 2026 को एक फिलिस्तीनी व्यक्ति को उस समय मार गिराया जब उसने निर्धारित सीमा को पार कर लिया था। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल और ज्यादा बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर लगातार चर्चा हो रही है। इस पूरी कार्रवाई को लेकर इसराइली सेना की तरफ से आधिकारिक बयान भी सामने आया है जिसमें सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है।
येलो लाइन और सुरक्षा के कड़े नियम
यह घटना गाजा के दक्षिणी हिस्से में बनी 'येलो लाइन' के पास हुई। इस लाइन को अक्टूबर 2025 में गाजा शांति योजना के तहत एक सीमा के रूप में बनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य फिलिस्तीनी नियंत्रण वाले इलाके और इसराइली नियंत्रण वाले जोन को अलग करना था। शुरुआत में इस योजना के तहत इलाकों का बंटवारा 47 प्रतिशत और 53 प्रतिशत के हिसाब से हुआ था, लेकिन मई 2026 तक इसराइल ने इस पर अपना नियंत्रण बढ़ाकर 60 प्रतिशत से अधिक कर लिया है। पीले रंग के कंक्रीट ब्लॉक से बनी इस लाइन को इसराइली सेना एक बेहद संवेदनशील सुरक्षा घेरा मानती है। सेना के नियमों के अनुसार जो भी व्यक्ति फिलिस्तीनी साइड से इस लाइन को पार करके इसराइली सैनिकों की तरफ बढ़ता है, उसे तुरंत खतरा मानकर सख्त कार्रवाई की जाती है और इस क्षेत्र को फ्री-फायर जोन माना जाता है।
इसराइली सेना और ब्रिगेड की कार्रवाई
इसराइली रक्षा बलों (IDF) के आधिकारिक बयान के अनुसार, गिवाती ब्रिगेड के सैनिकों ने ड्यूटूटी के दौरान एक व्यक्ति को इस सीमा को पार करते हुए देखा। वह व्यक्ति लगातार सैन्य बलों की तरफ बढ़ रहा था जिसे सैनिकों ने अपनी सुरक्षा के लिए तात्कालिक खतरा माना। खतरे को टालने के लिए सैनिकों ने उस व्यक्ति को मौके पर ही बेअसर कर दिया। इस पूरी घटना की पुष्टि Al Jazeera English और The Times of Israel को दिए गए बयानों के माध्यम से की गई है। इसराइली सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक हमास अपने हथियार नहीं छोड़ता, तब तक गाजा में पुनर्निर्माण का काम संभव नहीं है और सेना इस सीमा पर तैनात रहेगी।
राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय आंकड़े
इस सीमा रेखा को लेकर कूटनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर के बीच 17 अगस्त 2026 को एक बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद रिपोर्ट आई थी कि इस लाइन के पश्चिमी विस्तार को रोकने के आदेश दिए गए हैं ताकि ट्रंप प्रशासन की शांति योजना के दूसरे चरण को आगे बढ़ाया जा सके। हालांकि, इसके बावजूद 20 अगस्त 2026 की रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह सीमा लगातार बदल रही है जिससे स्थानीय निवासी और भी छोटे इलाकों में सिमटकर रह गए हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से अब तक 1,200 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इसके साथ ही 7 अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक गाजा में कुल मरने वालों का आंकड़ा 70,000 को पार कर चुका है, जो इस संघर्ष की भीषणता को बयां करता है।