दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैन्य अभियान जारी, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हजारों लोगों की हुई मौत.

Sushma Kumari20 August 20263 min read50 viewsWorld
दक्षिणी लेबनान में इसराइली सैन्य अभियान जारी, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हजारों लोगों की हुई मौत.

लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में इसराइली सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं और इसके कारण वहां हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। आम जनता को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और कूटनीतिक स्तर पर भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट के अनुसार इस संघर्ष में जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान हुआ है और कई अस्पताल तथा स्वास्थ्य केंद्र भी इसकी चपेट में आ चुके हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े

IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अगस्त 2026 को इसराइली युद्धक विमानों ने दक्षिणी लेबनान में ताजा हवाई हमले किए। लेबनान के Ministry of Public Health द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह सैन्य अभियान 2 मार्च 2026 से लगातार चल रहा है। इस संघर्ष की वजह से अब तक कुल 4,348 लोगों की मौत हो चुकी है और 12,307 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में 393 महिलाएं, 257 बच्चे, 537 सीरियाई नागरिक और 234 फिलिस्तीनी नागरिक शामिल हैं। युद्ध के इन हालातों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी भारी क्षति पहुंची है। अब तक 17 अस्पताल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, स्वास्थ्य कर्मियों पर 179 बार हमले किए गए हैं और एम्बुलेंस समेत 39 मानवीय वाहन पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

शांति समझौते के बाद भी स्थिति जस की तस

हालात को सुधारने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता से 26 जून 2026 को एक फ्रेमवर्क समझौता हुआ था। इस समझौते का मकसद लेबनानी सेना यानी Lebanese Armed Forces (LAF) को तैनात करना और हिजबुल्लाह जैसे संगठनों को हथियार छोड़ने के लिए राजी करना था, जिसके बदले में इसराइली सेना को धीरे-धीरे वापस जाना था। लेकिन यह प्रक्रिया अभी भी रुकी हुई है। हिजबुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं था और उसने सीधी बातचीत करने से साफ मना कर दिया है। इसराइली अधिकारियों का कहना है कि जब तक हिजबुल्लाह पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ देता, तब तक वे अपनी सेना वापस नहीं बुलाएंगे। लिटानी नदी के दक्षिण में हथियार हटाने के पहले चरण के पूरा होने की घोषणा के नौ महीने बाद भी यह प्रक्रिया सिर्फ जवतार अल घरबीयेह, श्रीफा और फ्रौन गांवों तक ही सीमित रह गई है और मुख्य हथियारों के ठिकानों तक किसी की पहुंच नहीं बन पाई है।

कूटनीतिक और जमीनी तनाव बरकरार

मैदान पर तनाव कम होने के बजाय और बढ़ गया है। 19 अगस्त 2026 को UNIFIL ने पुष्टि की कि नकाउरा-टायर तटीय सड़क और नकाउरा गांव में इसराइली झंडों का फहराना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का उल्लंघन है। लेबनानी अधिकारियों ने 4 अगस्त को बताया था कि इसराइली बल सैनिकों पर गोलियां चलाकर और बमबारी करके लेबनानी सेना की तैनाती में लगातार रुकावट डाल रहे हैं। इसके अलावा 13 अगस्त को लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने बुनियादी ढांचे और धार्मिक स्थलों को नष्ट किए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस इसराइली दावे को भी सिरे से खारिज कर दिया कि पूरे के पूरे गांव वैध सैन्य ठिकाने हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर दुनिया भर के देशों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कनाडा की ओर से इस पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय विकास राज्य मंत्री Randeep Sarai ने इस संघर्ष को एक गैरकानूनी आक्रमण करार दिया और लेबनान की संप्रभुता का पूरा समर्थन किया। इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि चालू वर्ष के दौरान लेबनान को मिलने वाली कनाडाई सहायता 50 मिलियन डॉलर से अधिक होगी।

Share:

Comments

Leave a comment