West Bank Vandalism: इसराइल के सांसद ने तोड़ा फिलिस्तीनी स्मारक, वीडियो सामने आने पर मचा हड़कंप।

Nura Basta25 August 20263 min read50 viewsEnglish
West Bank Vandalism: इसराइल के सांसद ने तोड़ा फिलिस्तीनी स्मारक, वीडियो सामने आने पर मचा हड़कंप।

इसराइल के एक दक्षिणपंथी सांसद द्वारा वेस्ट बैंक के एक गांव में फिलिस्तीनी स्मारक को तोड़े जाने का मामला सामने आने के बाद भारी विवाद छिड़ गया है। घटना मंगलवार, 25 अगस्त 2026 की है, जब धार्मिक ज़ायोनी पार्टी के सदस्य और इसराइली सांसद Zvi Sukkot ने वेस्ट बैंक के मदमा गांव में हथौड़े से 'शहीद स्मारक' को गिरा दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे सांसद और उनके साथ आए कुछ अन्य लोग उस ढांचे को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जबकि इसराइली सैनिक और एक सैन्य वाहन मौके पर ही मौजूद थे।

सेना की मंजूरी और विवाद

इस पूरी घटना के सामने आने के बाद इसराइली सेना यानी IDF की तरफ से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। सेना ने स्पष्ट किया कि सांसद Zvi Sukkot का गांव में प्रवेश एक पूर्व-अनुमोदित दौरे का हिस्सा था, जिसे एक महीने पहले अनुरोध मिलने के बाद 12 अगस्त को मंजूरी दी गई थी। हालांकि, सेना ने स्मारक को गिराए जाने की कार्रवाई को पूरी तरह से अनधिकृत बताया। सेना के अधिकारियों ने इस हरकत को कपटपूर्ण और manipulates करार देते हुए कहा कि जैसे ही उन्हें इस बात की जानकारी मिली, कमांडरों ने तुरंत गतिविधि को रोकने का आदेश दिया और कुछ ही मिनटों के भीतर उस समूह को वहां से खदेड़ दिया। सेना ने यह भी कहा कि इस दौरे के लिए सुरक्षा प्रदान करने वास्ते सैनिकों को उनके नियमित ड्यूटी से हटाया गया था, जो सुरक्षा बल की सुरक्षा का खुला दुरुपयोग और अधिकारों का ओवररीच था।

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प्रधानमंत्री और नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

घटना के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस तोड़फोड़ की कड़ी निंदा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपने हाथ में कानून लेना, खासकर सार्वजनिक हस्तियों द्वारा ऐसा किया जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। इसके अलावा, विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने भी सांसद की आलोचना करते हुए कहा कि संसद सदस्य यहूदी और सामरिया के क्षेत्रों में संप्रभु नहीं हैं। विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। Gadi Eisenkot ने आरोप लगाया कि सांसद ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला है, जबकि Yair Golan ने तो यहां तक कह दिया कि Zvi Sukkot जैसे व्यक्ति को सलाखों के पीछे होना चाहिए।

सांसद और स्थानीय नेताओं का पक्ष

दूसरी ओर, आरोपी सांसद Zvi Sukkot ने अपने किए गए बचाव में कहा कि यह स्मारक आतंकवाद में शामिल लोगों का महिमामंडन कर रहा था, जिसमें Yaman Tayeb Ali Faraj और Shadi Nasser जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि जब सेना ने इस ढांचे को हटाने की उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की, तब उन्हें खुद यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, मदमा गांव परिषद के प्रमुख Rami Nassar ने सेना के उस दावे का खंडन किया जिसमें तुरंत कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों से इस स्थल पर लगातार खतरे मंडरा रहे थे। इसराइली सेना ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि उन्हें उकसाने वाले प्रतीकों को हटाने का अधिकार है, लेकिन इस तरह के सभी अभियानों को उचित और अधिकृत चैनलों के माध्यम से ही अंजाम दिया जाना चाहिए।

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