Japan और Iran की बातचीत, Bab al-Mandeb Strait में Houthi Rebels के हमले रोकने की उठी मांग.

जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बातचीत की है। यह बातचीत 12 अगस्त 2026 को हुई जिसमें जापान ने ईरान से कहा कि वह हूती विद्रोहियों पर अपना असर डाले। जापान चाहता है कि यमन के हूती विद्रोही Bab al-Mandeb Strait में अपने हमले बंद करें और तनाव को कम करें। यह फोन कॉल करीब 20 मिनट तक चली जिसमें वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई गई।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा और हूती हमलों पर चिंता
जापानी प्रधानमंत्री ने ईरान से साफ तौर पर अनुरोध किया कि वह हूती विद्रोहियों को संयम बरतने के लिए कहे। हाल ही में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा की है। साथ ही कमर्शियल जहाजों और तेल से जुड़ी सुविधाओं पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। जापान ने इससे पहले 11 अगस्त को यमन और सऊदी अरब में आम नागरिकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी। इसके अलावा लाल सागर में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने पर भी चिंता जताई गई थी। पिछले दिनों Bab al-Mandeb Strait में एक संदिग्ध हमले में 6 लोगों की मौत की खबर सामने आई थी जिसके बाद जापान ने यह कड़ा रुख अपनाया है.
ईरान की प्रतिक्रिया और बातचीत का दौर
जापान की इस अपील पर ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने देश की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईरान Bab al-Mandeb Strait से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश कर रहा है। इसमें सऊदी अरब के साथ चल रही चर्चाएं भी शामिल हैं। दोनों नेताओं ने Strait of Hormuz की स्थिति पर भी चर्चा की। जापानी प्रधानमंत्री ने सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन के महत्व पर जोर दिया और इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत करने की बात कही।
परमाणु मुद्दे और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा
बातचीत के दौरान जापान ने सैन्य तनाव को जल्द से जल्द कम करने की अपनी पुरानी बात को दोहराया। इसके अलावा U.S.-Iran Memorandum of Understanding के नियमों के तहत परमाणु मुद्दे समेत अन्य समस्याओं के तेजी से समाधान की मांग की गई। ईरानी राष्ट्रपति ने ओमान के साथ ईरान के आदान-प्रदान और Strait of Hormuz से जुड़ी जानकारी साझा की। दोनों देशों के नेताओं ने यह सहमति जताई कि क्षेत्रीय तनाव को घटाने के लिए वे आपस में लगातार संपर्क बनाए रखेंगे ताकि आने वाले समय में स्थिति को सामान्य किया जा सके।