Jared Kushner का बड़ा बयान, अमेरिका ने गाज़ा के लोगों को हटाने की योजना का किया कड़ा विरोध

अमेरिकी दूत Jared Kushner ने हमास नेतृत्व को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि अमेरिका गाज़ा पट्टी से वहां की आबादी को हटाने के किसी भी प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज करता है। यह महत्वपूर्ण खुलासा 16 अगस्त 2026 को अल जज़ीरा द्वारा दी गई रिपोर्ट के माध्यम से सामने आया, जो मिस्र में हुई उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान हुआ था। इन बैठकों में हमास प्रमुख खलील अल-हय्या के साथ-साथ मिस्र, कतर और तुर्की के मध्यस्थ भी शामिल थे। ये चर्चाएं अमेरिका की एक बड़ी शांति योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत गाज़ा में एक नया technocratic प्रशासन स्थापित करने की बात कही जा रही है।
गाज़ा में शांति योजना और नए प्रशासन की रूपरेखा
अमेरिका की इस 20-सूत्रीय शांति योजना का मुख्य उद्देश्य गाज़ा में National Committee for the Administration of Gaza नामक नए प्रशासन का गठन करना है। इसके साथ ही, इस योजना में हमास के निःशस्त्रीकरण और इजरायली सैन्य बलों की पूर्ण वापसी की देखरेख करना भी शामिल है। हालांकि हमास ने सार्वजनिक रूप से अमेरिकी समर्थित इस रोडमैप के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया है, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की तरफ से इस योजना को लेकर काफी विरोध देखने को मिल रहा है। इजरायल सरकार ने कुल सैनिकों की वापसी और हमास के हथियार छोड़ने जैसे प्रमुख प्रावधानों को मानने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे शांति प्रयासों में एक बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है।
आठ मुस्लिम देशों ने जारी किया संयुक्त बयान
इस गतिरोध और इजरायली रुख के जवाब में, दुनिया के आठ प्रमुख मुस्लिम-बहुसंख्यक देशों के विदेश मंत्रियों ने आज एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस गठबंधन में तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इन देशों ने शांति योजना के साथ जुड़ने से इजरायल के इनकार की कड़ी निंदा की है। इन देशों का आरोप है कि इजरायली सरकार क्षेत्रीय स्थिरता के प्रयासों में लगातार बाधा डाल रही है। इसके साथ ही, इन राष्ट्रों ने प्रस्तावित मानवीय और प्रशासनिक ढांचे का पालन सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका से अपनी कूटनीतिक और राजनीतिक दबाव को जारी रखने की अपील की है ताकि गाज़ा के आम लोगों को राहत मिल सके।