Saudi Arabia: जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट पर बड़ा निवेश, फ्रांस की कंपनी के साथ मिलकर बनेगा नया कंटेनर टर्मिनल

सऊदी अरब के बंदरगाहों को दुनिया भर में एक बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है। इसी कड़ी में रेड सी गेटवे टर्मिनल और फ्रांस की बड़ी लॉजिस्टिक्स कंपनी सीएमए सीजीएम ने हाथ मिला लिया है। रियाद में आयोजित हुए नौवें वार्षिक फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव यानी FII9 के दौरान इस रणनीतिक साझेदारी का औपचारिक ऐलान किया गया। इस प्रोजेक्ट पर कुल लगभग 1.7 अरब रियाद यानी करीब 433 मिलियन से 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भारी निवेश किया जा रहा है, जिसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर सऊदी प्रेस एजेंसी SPA द्वारा साझा की गई है।
जेद्दाह पोर्ट पर नया कंटेनर टर्मिनल
इस नई साझेदारी के तहत जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट पर चौथे कंटेनर टर्मिनल को विकसित किया जाएगा और उसका संचालन किया जाएगा। इस नए टर्मिनल की डिजाइनिंग इस तरह से की गई है कि यह हर साल करीब 2.6 मिलियन बीस-फुट समकक्ष इकाइयों यानी TEUs को संभालने की क्षमता रखेगा। इस बड़े विस्तार के बाद रेड सी गेटवे टर्मिनल की कुल सालाना हैंडलिंग क्षमता बढ़कर सीधे 8.8 मिलियन TEUs तक पहुंच जाएगी। इस पूरी विकास योजना के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा, नए और हाई-टेक कार्गो-हैंडलिंग उपकरण लगाए जाएंगे और बंदरगाह के काम-काज को और तेज बनाने के लिए डिजिटल तथा टिकाऊ तकनीकों को लागू किया जाएगा।
सऊदी विजन 2030 का बड़ा लक्ष्य
सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी यानी मावानी के अध्यक्ष इंजीनियर सुलिमान अल-मजरोउआ ने बताया कि यह नई साझेदारी किंगडम के सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुरूप है। इसका मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब के सभी बंदरगाहों को वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब में बदलना है। वहीं, सीएमए सीजीएम ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ रोडोलफ सादे ने कहा कि यह सहयोग उनकी कंपनी की वैश्विक विशेषज्ञता और रेड सी गेटवे टर्मिनल की स्थानीय ताकत को आपस में जोड़ता है। इससे रेड सागर पर जेद्दाह की स्थिति एक मुख्य ट्रांसशिपमेंट गेटवे के रूप में और अधिक मजबूत होगी। आपको बता दें कि यह पूरा प्रोजेक्ट मावानी के साथ साल 2020 में किए गए लंबे समय के रियायत समझौते के तहत चल रही एक बड़ी विस्तार रणनीति का हिस्सा है।