Saudi Arabia News: जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट दुनिया के बड़े शिपिंग नेटवर्क से जुड़ा, सऊदी अरब और एशिया-यूरोप के बीच व्यापार हुआ आसान.

सऊदी अरब के प्रमुख जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट ने अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है और अब यह बंदरगाह जेमिनी कोऑपरेशन एलायंस का मुख्य हिस्सा बन गया है। इस बड़े गठबंधन की शुरुआत मर्स्क और हापाग-लॉयड कंपनियों ने मिलकर की है, जिससे सऊदी अरब की सीधी समुद्री कनेक्टिविटी एशिया और यूरोप के बड़े बाजारों के साथ और अधिक बेहतर हो गई है। इस बदलाव से खाड़ी देशों में व्यापार करने वाले लोगों और सामान भेजने वाली कंपनियों को काफी फायदा मिलेगा।
जेमिनी कोऑपरेशन एलायंस और नई सेवाएं
इस एलायंस की आधिकारिक घोषणा जनवरी 2024 में की गई थी और इसने फरवरी 2025 से अपना कामकाज शुरू कर दिया था। इसके बाद 7 मार्च 2026 को सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी यानी मावानी ने यह ऐलान किया कि मर्स्क की नई एई19 शिपिंग सर्विस को भी जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट से जोड़ दिया गया है। इसके अलावा 6 जुलाई 2026 को मर्स्क ने यह जानकारी दी कि एशिया और मेडिटेरियन के बीच चलने वाली एई15 सर्विस अब स्वेज नहर के रास्ते से होकर गुजरेगी। इसके बाद 13 जुलाई 2026 को यह तय हुआ कि अगस्त 2026 से एई15 सर्विस के जहाज भी जेद्दाह बंदरगाह पर रुकेंगे। 10 से 11 अगस्त 2026 के बीच इन दोनों सेवाओं में जेद्दाह को शामिल किए जाने की पुष्टि पूरी तरह से कर दी गई।
जहाजों की संख्या और क्षमता
यह पूरा गठबंधन बहुत बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। इस एलायंस के पास कुल 290 जहाज हैं जिनकी कुल क्षमता 3.4 मिलियन टीयूएस यानी ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स है। इस क्षमता में से अकेले 60 प्रतिशत हिस्सेदारी मर्स्क की है और बाकी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हापाग-लॉयड की है। इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य जहाजों के आने-जाने के समय को लेकर 90 प्रतिशत से अधिक की विश्वसनीयता हासिल करना है, जबकि पहले उद्योग का पुराना औसत केवल 60 से 70 प्रतिशत के बीच रहता था।
बंदरगाह की ताकत और क्षमता विस्तार
जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट के पास पहले से ही 62 मल्टी-पर्पस बर्थ और विशेष टर्मिनल मौजूद हैं। इस बंदरगाह की कुल सामान संभालने की क्षमता 130 मिलियन टन है। बंदरगाह की इस क्षमता को और बढ़ाने के लिए मावानी ने 15 जुलाई 2026 को 171 मिलियन डॉलर के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है। यह निवेश रेड सी गेटवे टर्मिनल और डीपी वर्ल्ड के साथ मिलकर किया जा रहा है, जिससे कार्गो को संभालने की रफ्तार और ज्यादा तेज हो जाएगी।
इस नए निवेश और विस्तार योजना के तहत बंदरगाह पर कई नई चीजें जोड़ी जा रही हैं:
- 3 नए शिप-टू-शोर क्रेन जोड़े जा रहे हैं।
- 27 नए रबर-टायर्ड गैंट्री क्रेन शामिल किए जा रहे हैं।
- 91 नए टर्मिनल ट्रक लाए जा रहे हैं।
- ग्राउंड-हैंडलिंग के लिए 7 नए उपकरण शामिल किए गए हैं।
- कंटेनर टर्मिनल यार्ड के क्षेत्रफल को 200,000 वर्ग मीटर तक बढ़ाया जा रहा है।
- रीफर प्लग पॉइंट्स की संख्या को 4,800 से बढ़ाकर 9,000 किया जा रहा है।
- कोल्ड स्टोरेज की क्षमता को 8 कमरों से बढ़ाकर 75 कमरे किया जा रहा है।
रूट और सुरक्षा को लेकर नियम
एई15 सर्विस अब किंगदाओ, क्वांग्यांग, निंगबो, तंजुंग पेलेपस, जेद्दाह, स्वेज नहर, पोर्ट सईद, दमिएट्टा, स्वेज नहर, कोलंबो, सिंगापुर और वापस किंगदाओ तक का सफर तय करती है। वहीं एई19 सर्विस के तहत ऐसे जहाजों का इस्तेमाल होता है जो 17,000 टीयूएस तक का भार ढो सकते हैं। इस रूट पर जहाज शिंगांग, किंगदाओ, बुसान, निंगबो, शंघाई, तंजुंग पेलेपस, स्वेज नहर, पोर्ट सईद, तांगेर और सिंगापुर के रास्तों से होते हुए जेद्दाह में दो बार रुकते हैं।
सुरक्षा के मामलों को लेकर मर्स्क और हापाग-लॉयड मध्य पूर्व के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लाल सागर क्षेत्र में जैसी स्थिति होगी, उसी हिसाब से इन सेवाओं में बदलाव किए जाएंगे। कंपनियों ने यह भी साफ किया है कि यदि आने वाले समय में खतरा बढ़ता है, तो जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते से सुरक्षित निकाला जाएगा जिसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर ली गई है।