Kabul Blast: पश्चिमी काबुल में स्कूल के पास जोरदार धमाका, कई मासूम बच्चे घायल और अस्पताल में भर्ती.

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी Kabul के पश्चिमी हिस्से में स्थित Dasht-e Barchi इलाके में 17 अगस्त 2026 को शाम के समय एक जोरदार धमाका हुआ। इस घटना में दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिनमें सबसे ज़्यादा संख्या स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों की है। स्थानीय समयानुसार यह भयानक हादसा लगभग 4:30 बजे शाम को Shama-e Hedayat Private School के पास Mahdia Township में पेश आया। इस अचानक हुए धमाके से पूरे इलाके में अफ़रा-तफ़री मच गई और लोगों के बीच डर का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस और सुरक्षा टीमों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही काबुल पुलिस के प्रवक्ता Khalid Zadran ने पुष्टि की कि सुरक्षा बलों और जांच टीमों को तुरंत मौके पर भेज दिया गया था। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक यह धमाका किसी हैंड ग्रेनेड की वजह से हुआ था। शुरुआत में कुछ लोगों का ऐसा भी कहना था कि शायद किसी छात्र के हाथ में कोई विस्फोटक सामग्री फट गई हो, लेकिन पुलिस और प्रशासन अभी भी इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और हर पहलू को परखा जा रहा है ताकि असल वजह सामने आ सके।
अस्पतालों में घायलों की लगी लाइन
इस खतरनाक हमले में इंसानी जान का नुकसान और घायलों की संख्या काफी डरावनी है। स्थानीय अस्पतालों से मिली जानकारी के मुताबिक बहुत से बच्चों को तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया गया। Esteqlal Hospital में 13 साल से कम उम्र के तीन बच्चों का इलाज किया गया, जबकि कम से कम छह अन्य घायलों को Alami Hospital में दाखिल कराया गया। कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि घायलों का कुल आंकड़ा 50 से ज़्यादा हो सकता है, और इनमें बड़ी संख्या छोटी बच्चियों की है। अभी तक किसी भी विद्रोही या आतंकी संगठन ने इस कायराना हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही तालिबान के अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।
शिया हजारा समुदाय को बनाया गया निशाना
यह पूरा इलाका मुख्य रूप से शिया हजारा समुदाय का है, जो एक ऐसा जातीय अल्पसंख्यक समूह है जिसे पिछले कुछ सालों में लगातार Islamic State Khorasan Province (ISIS-K) द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है। इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी कर दी गई है और सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं ताकि हालात काबू में रहें और दोषियों तक पहुँचा जा सके। स्थानीय लोग इस घटना के बाद से काफी सहमे हुए हैं और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं।